ACME Solar Holdings ने 301 MW का एक अहम FDRE प्रोजेक्ट e-reverse auction के ज़रिए जीत लिया है। इस बड़ी सफलता के साथ, कंपनी की कुल डायवर्सिफाइड कांट्रैक्टेड कैपेसिटी अब 8,071 MW पर पहुँच गई है, जिसमें सोलर, विंड, स्टोरेज, हाइब्रिड, FDRE और RTC सॉल्यूशंस शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह है कि इसे नॉन-सोलर घंटों के दौरान बिजली सप्लाई करनी होगी, जिसके लिए 4 MWh प्रति MW की डेली सप्लाई और 70% मंथली व 85% एनुअल अवेलेबिलिटी की सख्त शर्तें रखी गई हैं। इन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, ACME Solar सोलर और BESS (Battery Energy Storage System) टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करेगा, जिससे मौजूदा नाइट-टाइम कनेक्टिविटी का फायदा उठाया जा सके।
ACME Solar एक इंटीग्रेटेड मॉडल पर काम करता है, जिसके पास इन-हाउस EPC (Engineering, Procurement, and Construction) और O&M (Operations & Maintenance) डिवीज़न हैं। यह एंड-टू-एंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और लागत-प्रभावी एग्जीक्यूशन में मदद करता है, जो इंडस्ट्री-लीडिंग CUF (Capacity Utilisation Factor) और ऑपरेटिंग मार्जिन में भी झलकता है। फिलहाल, कंपनी की 2,962 MW कैपेसिटी ऑपरेशनल है, जबकि 5,109 MW प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। यह नया ऑर्डर विंड एनर्जी के साथ-साथ अधिक जटिल, डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस की ओर एक कदम है।
इस प्रोजेक्ट से जुड़े मुख्य जोखिम BESS कंपोनेंट की रिलायबिलिटी और नॉन-सोलर घंटों की सप्लाई ऑब्लिगेशन्स को पूरा करने में इसकी लंबी अवधि की परफॉरमेंस हैं। एग्जीक्यूशन टाइमलाइन्स और लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) मिलने में संभावित देरी भी ऐसे फैक्टर्स हैं जिन पर नज़र रखनी होगी। निवेशकों को ACME Solar की स्टोरेज को इंटीग्रेट कर डिस्पैचेबल पावर देने की क्षमता और इससे प्रोजेक्ट की इकोनॉमिक्स व ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर पड़ने वाले असर का मूल्यांकन करना चाहिए। कंपनी का मजबूत बैक-लॉग और इंटीग्रेटेड मॉडल इसे अच्छी पोजीशन में रखता है, लेकिन प्रोजेक्ट-स्पेसिफिक एग्जीक्यूशन रिस्क बने रहेंगे। आगे चलकर, इस नए प्रोजेक्ट की कमीशनिंग टाइमलाइन और परफॉरमेंस के साथ-साथ ACME के डायवर्सिफाइड रिन्यूएबल पोर्टफोलियो के ओवरऑल ग्रोथ पर फोकस रहेगा।