ACME Solar की जोरदार शुरुआत! Rajasthan में जोड़ी नई BESS क्षमता, शेयर में दिखी मजबूती

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ACME Solar की जोरदार शुरुआत! Rajasthan में जोड़ी नई BESS क्षमता, शेयर में दिखी मजबूती
Overview

ACME Solar Holdings ने राजस्थान के बीकानेर में **35.715 MW / 160.512 MWh** की अतिरिक्त बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता को चालू कर दिया है। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते एनर्जी स्टोरेज सेक्टर और सरकारी प्रोत्साहन को देखते हुए उठाया गया है।

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नई क्षमता और इसका महत्व

ACME Solar Holdings ने अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूत करते हुए, राजस्थान के बीकानेर में 35.715 MW / 160.512 MWh की नई बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता को चालू किया है। यह डेवलपमेंट भारत में एनर्जी स्टोरेज सेक्टर के लिए सरकारी समर्थन, खासकर वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) और मैन्युफैक्चरिंग प्रोत्साहन के बीच हुआ है। ACME Surya Power Private Limited के तहत संचालित यह नई क्षमता ACME Solar की कुल ऑपरेशनल BESS को 210.938 MW / 947.899 MWh तक ले जाती है। यह क्षमता 13 मई, 2026 से कमर्शियल ऑपरेशंस के लिए तैयार होगी, जो ग्रिड स्थिरता और रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स के इंटीग्रेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

शेयर बाजार में प्रतिक्रिया और वित्तीय प्रदर्शन

इस ऑपरेशनल माइलस्टोन के बीच, 12 मई, 2026 को ACME Solar का शेयर प्रमुख इंडेक्स में गिरावट के बावजूद थोड़ा चढ़ता हुआ दिखा। कंपनी का स्टॉक ₹290.45 पर बंद हुआ, जो 2.76% की बढ़ोतरी थी, जबकि Nifty 50 में 1.49% की गिरावट आई थी। हालिया वित्तीय नतीजों की बात करें तो ACME Solar ने दमदार प्रदर्शन किया है। फाइनेंशियल ईयर (FY) 26 में कंपनी का रेवेन्यू 59.2% बढ़कर INR 2,507 करोड़ हो गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) लगभग दोगुना होकर INR 498 करोड़ रहा। कंपनी ने 20.1% का कैश रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) दर्ज किया।

भारत का बढ़ता एनर्जी स्टोरेज मार्केट और चुनौतियां

भारत का एनर्जी स्टोरेज सेक्टर सरकारी नीतियों और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के चलते तेजी से बढ़ रहा है। सरकार BESS प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग ₹145 बिलियन की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) और घरेलू बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) दे रही है। अनुमान है कि 2050 तक भारत को लगभग 2,000 GWh BESS की आवश्यकता होगी। इस सपोर्टिव माहौल ने Adani Energy Solutions, Tata Power, और Reliance New Energy जैसे बड़े खिलाड़ियों से भारी निवेश आकर्षित किया है। ACME Solar इस डायनामिक बाजार में Exide Industries, Waaree Energies, और Amara Raja Energy & Mobility जैसी स्थापित कंपनियों के साथ-साथ बड़े समूहों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। बाजार का आकार 2025 में $2.19 बिलियन से बढ़कर 2035 तक $19.45 बिलियन होने का अनुमान है। हालांकि, सेक्टर को प्रोजेक्ट की वायबिलिटी पर असर डाल सकने वाले बेहद कम बिड प्राइस जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राह

ACME Solar के विस्तार और हालिया वित्तीय लाभ के बावजूद, कंपनी के 34x और 50x के बीच P/E रेश्यो के साथ वैल्यूएशन प्रीमियम पर है। पिछली इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो भी चिंता का विषय रही हैं। वहीं, भारतीय रिन्यूएबल सेक्टर में Adani Group और Tata Power जैसे बड़े समूहों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जिनके पास पर्याप्त पूंजी है। BESS क्षमता की तेजी से तैनाती ने असाधारण रूप से कम बिड कीमतों के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो लंबी अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। ACME Solar का बढ़ता फुटप्रिंट, इंडस्ट्री लीडर्स के बड़े निवेश और बैकवर्ड इंटीग्रेशन के प्रयासों के मुकाबले देखने की जरूरत है। कंपनी मर्चेंट पावर कॉन्ट्रैक्ट्स से रेवेन्यू जेनरेट करती है, जिसमें BESS ऑपरेशंस से लगभग INR 2.2 करोड़ प्रतिदिन का राजस्व मिलता है। कंस्ट्रक्शन के तहत बड़े पोर्टफोलियो और साइन किए गए PPAs के साथ, ACME Solar एनर्जी ट्रांज़िशन से लाभ उठाने के लिए तैयार है, बशर्ते वह प्रतिस्पर्धा का प्रबंधन कर सके और अपनी वित्तीय सेहत बनाए रख सके। एनालिस्ट सेंटीमेंट फिलहाल 'Buy' सिग्नल दे रहा है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.