एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी में ACME Solar का बड़ा कदम
ACME Solar की सहायक कंपनी ACME Surya Power Private Ltd. ने राजस्थान के बीकानेर में अपने BESS प्रोजेक्ट के तीसरे चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस फेज से 11.429 MW बिजली स्टोरेज क्षमता जोड़ी गई है, साथ ही 51.354 MWh की स्टोरेज कैपेसिटी भी बढ़ी है। कमर्शियल ऑपरेशंस 31 मार्च 2026 से शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही, सब्सिडियरी की कुल कमीशन की गई क्षमता अब 107.143 MW / 481.440 MWh हो गई है, जो प्रोजेक्ट के 250 MW / 1103.392 MWh के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह विस्तार भारत की ग्रिड स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर जब देश रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है।
शेयर में दिखी मामूली गिरावट, पर ब्रोकरेज हैं बुलिश
हालांकि, इस डेवलपमेंट के बीच, 30 मार्च 2026 को ACME Solar (ACMESOLAR) का शेयर 2.91% गिरकर ₹261.58 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते 27 मार्च 2026 को प्रोजेक्ट के पिछले चरण की खबर के बाद शेयर में 8% का उछाल देखा गया था। कंपनी की मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹14,968 करोड़ है।
ACME Solar भारत के बढ़ते एनर्जी स्टोरेज मार्केट में काम कर रही है। अनुमान है कि यह मार्केट 2034 तक $7.84 बिलियन तक पहुंच जाएगा, जिसमें 2026-2034 के दौरान 11.04% की सालाना ग्रोथ देखी जाएगी। यह ग्रोथ भारत के 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को सपोर्ट करती है। सरकार भी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बना रही है।
प्रतिस्पर्धा के बीच, ACME Solar का P/E रेशियो (लगभग 33.88x) Adani Green Energy (लगभग 89.5-103.4x) से कम है, लेकिन Tata Power (27.58-32.58x) और ReNew Energy Global (12.15-15.0x) से ज्यादा है। इसके बावजूद, विश्लेषकों का नज़रिया अभी भी पॉजिटिव है। उनका औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹326.88 है और 'Strong Buy' रेटिंग है। Centrum और Investec जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने ₹315-₹319 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, जो कंपनी के प्रोजेक्ट पाइपलाइन से मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ की उम्मीद जताते हैं।
GST डिमांड का सामना
एक बड़ी वित्तीय चुनौती के तौर पर, ACME Solar को 28 मार्च 2026 को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस से एक 'शो-कॉज कम डिमांड नोटिस' मिला है। नोटिस में अप्रैल 2021 से मार्च 2025 तक की अवधि के लिए लगभग ₹149.73 करोड़ के GST का कथित तौर पर कम भुगतान करने का आरोप लगाया गया है। कंपनी इस डिमांड को चुनौती देने की योजना बना रही है और उनका कहना है कि इसका तत्काल कोई वित्तीय या ऑपरेशनल प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, यह एक महत्वपूर्ण कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) है।
यह स्थिति ऐसे सेक्टर में है जहां आक्रामक बिडिंग (aggressive bidding) से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार कभी-कभी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे निकल जाता है, जिससे देरी और पावर कर् शामिल हो सकते हैं। इन अनिश्चितताओं के बीच, कंपनी को अपने प्रोजेक्ट्स को प्रभावी ढंग से एग्जीक्यूट (execute) करना होगा।
भविष्य का आउटलुक
विश्लेषक ACME Solar के लिए मजबूत ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं, जो 30% से अधिक का संभावित अपसाइड दिखा रहा है। कंपनी की FDRE (Firm and Dispatchable Renewable Energy) प्रोजेक्ट्स पर फोकस करने और BESS पोर्टफोलियो का विस्तार करने की रणनीति भारत के एनर्जी ट्रांज़िशन गोल्स के अनुरूप है। BESS इक्विपमेंट पर कस्टम ड्यूटी में छूट जैसी सरकारी नीतियां सेक्टर के ग्रोथ को सपोर्ट करेंगी। GST विवाद जैसे रेगुलेटरी मुद्दों का सफल प्रबंधन और प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करना, इन आशावादी पूर्वानुमानों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।