Zomato Hyperpure का बड़ा कदम: चेन्नई में **3.5 लाख वर्ग फुट** की वेयरहाउस लीज पर ली

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AuthorAditya Rao|Published at:
Zomato Hyperpure का बड़ा कदम: चेन्नई में **3.5 लाख वर्ग फुट** की वेयरहाउस लीज पर ली

Zomato का B2B सप्लाई चेन आर्म, Hyperpure, अब दक्षिण भारत में अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत करने जा रहा है। कंपनी ने चेन्नई में **3.5 लाख वर्ग फुट** का एक बड़ा वेयरहाउस **9 साल** की लीज पर लिया है। इस कदम से दक्षिण भारत में फूड और किराना (Grocery) की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

9 साल की लीज पर लिया विशाल वेयरहाउस

Zomato के बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सप्लाई आर्म Hyperpure ने लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करते हुए चेन्नई में 3.5 लाख वर्ग फुट की एक बड़ी वेयरहाउसिंग फैसिलिटी लीज पर ली है। कंपनी ने 9 साल के एग्रीमेंट पर यह स्पेस चेन्नई के रेडहिल्स स्थित Hiranandani Industrial Park में लिया है। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह डील Jurojin Developers के साथ फाइनल हुई है और मार्च 2024 से दो फेज में इसका ऑक्यूपेंसी शुरू हो जाएगा।

इस लीज एग्रीमेंट के तहत, Hyperpure हर महीने ₹87.46 लाख का किराया देगी, जो लगभग ₹25 प्रति वर्ग फुट पड़ता है। प्रॉपर्टी को सुरक्षित करने के लिए, Hyperpure ने ₹3.50 करोड़ की डिपॉजिट राशि भी दी है। कॉन्ट्रैक्ट में हर साल 5% के किराए में बढ़ोतरी का क्लॉज भी शामिल है, जो लॉन्ग-टर्म कमर्शियल रियल एस्टेट लीज में एक आम बात है। इस कदम से कंपनी रेस्टोरेंट पार्टनर्स और इंस्टीट्यूशनल बायर्स को ग्रोसरी, ताजे उत्पाद (Fresh Produce), मीट और अन्य किचन एसेंशियल्स की सप्लाई को और बेहतर बना सकेगी।

रणनीतिक विस्तार और मार्केट की चाल

Hyperpure का बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक्स सेंटर्स पर फोकस, क्विक कॉमर्स और इंस्टीट्यूशनल फूड सेक्टर में बढ़ती मांग का सीधा जवाब है। चेन्नई में मजबूत मौजूदगी से Zomato दक्षिण भारत में अपनी सर्विस कैपेबिलिटीज को बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। चेन्नई, ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक पसंदीदा जगह बन गया है क्योंकि यह बड़े कंजम्पशन हब के करीब है और इसकी पोर्ट कनेक्टिविटी भी अच्छी है, जो फास्ट-मूविंग इन्वेंट्री को मैनेज करने वाली कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है।

निवेशकों के लिए, यह डेवलपमेंट Zomato के B2B सेगमेंट को स्केल करने के लिए फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार कैपिटल इन्वेस्टमेंट को दर्शाता है। हालांकि Hyperpure एक अलग वर्टिकल के रूप में काम करता है, इसकी ग्रोथ Zomato के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स ऐप्स द्वारा सर्व किए जाने वाले व्यापक फूड इकोसिस्टम से जुड़ी हुई है। ऐसे लॉन्ग-टर्म लीज कमिटमेंट्स का फाइनेंशियल इंपैक्ट कंपनी के भविष्य के ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस में दिखेगा।

भविष्य की परफॉर्मेंस पर नजर

जैसे-जैसे Zomato अपनी वेयरहाउस ऑपरेशन्स को स्केल करेगा, शेयरधारकों के लिए मुख्य तौर पर इन नई फैसिलिटीज की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सेगमेंट के प्रॉफिट मार्जिन्स पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रहेगी। बड़े पैमाने पर सप्लाई चेन को मैनेज करने में लेबर, इन्वेंट्री स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन जैसे महत्वपूर्ण खर्चे शामिल होते हैं। भविष्य में इन्वेस्टर अपडेट्स से यह स्पष्ट हो सकता है कि ये लॉजिस्टिक्स इन्वेस्टमेंट Hyperpure सेगमेंट की ओवरऑल ग्रोथ में कैसे योगदान करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.