📉 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
WeWork India ने हाल ही में अपने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जो बेहद दमदार रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 9.6% और साल-दर-साल 27% बढ़कर ₹640.3 करोड़ रहा। Post-ESOP EBITDA में साल-दर-साल 47.6% का इजाफा देखने को मिला, जो ₹134.6 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 21% पर बना हुआ है।
सबसे खास बात यह है कि नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में साल-दर-साल 511.8% की भारी उछाल आई और यह ₹52 करोड़ दर्ज किया गया। Return on Capital Employed (ROCE) भी अब तक के उच्चतम स्तर ~33% पर पहुंच गया है।
डिमांड और ऑक्यूपेंसी ने दिखाई दम
कंपनी की ~84% की रिकॉर्ड पोर्टफोलियो ऑक्यूपेंसी ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया। मैच्योर सेंटर्स में यह 87% और ग्रोथ सेंटर्स में 66% रही। Occupied Desks में साल-दर-साल 30% की ग्रोथ और Desk Sales Velocity में 41% की साल-दर-साल वृद्धि (9 महीनों में) कंपनी की मजबूत डिमांड को दर्शाती है।
Mana
ged Office सेगमेंट कंपनी के रेवेन्यू का 21% हिस्सा बन गया है, जिसने 2 साल में 63% की CAGR ग्रोथ हासिल की है। Workspace as a Service रेवेन्यू 24.1% बढ़कर ₹532.3 करोड़ और Value-Added Services रेवेन्यू 69.4% बढ़कर ₹85.9 करोड़ हो गया।
वित्तीय सेहत और कैश फ्लो में सुधार
ऑपरेशंस से फ्री कैश फ्लो साल-दर-साल 119.3% बढ़कर ₹203.8 करोड़ हो गया, जो कंपनी की शानदार कैश जनरेशन क्षमता को दिखाता है। कंपनी ने Q3 FY26 में ₹141.1 करोड़ का कैपेक्स (Capex) किया, जबकि अनुमानित सालाना कैपेक्स ₹300-400 करोड़ रखा गया है।
नेट डेट में उल्लेखनीय कमी आई है और यह अब ₹110.4 करोड़ रह गया है। Rent per RSF में 3.6% की बढ़ोतरी हुई, वहीं Operating Costs per RSF में 6.4% की कमी आई, जिससे सेंटर-लेवल EBITDA मार्जिन 28.7% पर पहुंच गया। कॉर्पोरेट ओवरहेड्स रेवेन्यू का लगभग 8% है।
भविष्य की योजनाएं और आउटलुक
कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर काफी आशावादी है। वे मार्च FY27 तक पोर्टफोलियो को 10.3 मिलियन वर्ग फुट तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। अगले 24 महीनों में Managed Office सेगमेंट से रेवेन्यू में लगभग 30% योगदान की उम्मीद है।
कंपनी का लक्ष्य ग्रोथ के इन आक्रामक प्लान्स के बावजूद EBITDA मार्जिन को 20-21% के बीच बनाए रखना है। इस दौरान कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को 'A' तक अपग्रेड किया जाना एक बड़ा पॉजिटिव रहा।
जोखिम और आगे की राह
हालांकि, आक्रामक विस्तार अपनी कुछ चुनौतियां लेकर आता है। इसमें नए लीज हासिल करना, फिट-आउट्स पूरा करना और नई जगहों के लिए डिमांड पैदा करना शामिल है। तेजी से स्केल करते हुए प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखना एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। निवेशकों को Managed Office सेगमेंट की ग्रोथ रेट और कंपनी द्वारा विस्तार के लिए मजबूत फ्री कैश फ्लो जेनरेट करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।