Vertex Workspace और Alt DRX ने मंगलुरु स्थित Vertex Ashoka Business Centre में फ्रैक्शनल इन्वेस्टमेंट मॉडल पेश किया है। अब निवेशक मात्र **₹16,000** प्रति स्क्वायर फीट से कमर्शियल प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी खरीद सकते हैं और रेंटल इनकम का लाभ उठा सकते हैं।
कमर्शियल प्रॉपर्टी में छोटे निवेश का मौका
Vertex Workspace, जो कि Mukund Realty का एक डिवीजन है, ने डिजिटल रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म Alt DRX के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद आम रिटेल निवेशकों के लिए कमर्शियल रियल एस्टेट के दरवाजे खोलना है। फ्रैक्शनल ओनरशिप मॉडल के जरिए, एक बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टी को छोटे-छोटे डिजिटल यूनिट्स में बांटा गया है। निवेशक महज ₹16,000 की शुरुआती कीमत पर एक स्क्वायर फीट की हिस्सेदारी खरीद सकते हैं।
कैसे काम करता है यह मॉडल?
यह मॉडल उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो पूरी बिल्डिंग या फ्लोर खरीदने में सक्षम नहीं हैं। इस निवेश के जरिए निवेशकों को उस बिजनेस सेंटर से होने वाली रेंटल इनकम का एक हिस्सा (proportional share) प्राप्त होगा। यह टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल एस्टेट को फाइनेंशियलाइज करने की एक बड़ी कोशिश है।
सावधानियां और रिस्क (Important Factors)
निवेशकों को यह समझना होगा कि यह SEBI द्वारा रेगुलेटेड लिस्टेड SM REITs से बिल्कुल अलग है। यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है:
- लिक्विडिटी (Liquidity): NSE या BSE पर शेयर की तरह इन्हें तुरंत बेचना मुश्किल हो सकता है। एग्जिट के लिए आपको प्लेटफॉर्म पर खरीदार का इंतजार करना पड़ सकता है।
- परफॉर्मेंस रिस्क: रेंटल इनकम पूरी तरह से प्रॉपर्टी की ऑक्यूपेंसी (occupancy rates) पर निर्भर है। अगर बिल्डिंग में वैकेंसी ज्यादा रहती है, तो रिटर्न पर बुरा असर पड़ सकता है।
- रेगुलेटरी बदलाव: चूंकि यह एक प्राइवेट प्लेटफॉर्म है, इसलिए भविष्य में सरकारी नियमों या टैक्स कानूनों में बदलाव का असर आपके निवेश की संरचना पर पड़ सकता है।
निवेश से पहले रेंटल यील्ड, प्लेटफॉर्म की फीस और एग्जिट मैकेनिज्म को पूरी तरह समझना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
