लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर की नई कंपनी Vantrock Real Assets ने **1.15 करोड़** वर्ग फीट जगह विकसित करने के लिए **₹3,100 करोड़** के निवेश का मास्टर प्लान पेश किया है।
लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Vantrock Real Assets ने देश भर में 1.15 करोड़ वर्ग फीट की आधुनिक लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षमता तैयार करने का ऐलान किया है। जुलाई 2026 में स्थापित यह कंपनी मुख्य रूप से पुणे, बेंगलुरु और दिल्ली-NCR जैसे प्रमुख इंडस्ट्रियल हब पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
'इन्फिल लॉजिस्टिक्स' पर फोकस
कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटेजी पारंपरिक वेयरहाउसिंग से अलग है। वे शहरों से दूर बड़े गोदाम बनाने के बजाय, शहर के भीतरी इलाकों (Infill Logistics) में जमीन अधिग्रहण को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह कदम ई-कॉमर्स और रिटेल सेक्टर की उस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए है, जहां ग्राहकों तक तेजी से डिलीवरी पहुँचाने के लिए वेयरहाउस का शहर के करीब होना जरूरी है।
ग्रेड-बी से ग्रेड-ए का सफर
कंपनी की ग्रोथ योजना का एक मुख्य हिस्सा पुरानी प्रॉपर्टीज को अपग्रेड करना है। वे पुराने 'ग्रेड-बी' शेड्स को खरीदकर उन्हें आधुनिक 'ग्रेड-ए' मानकों के साथ रिनोवेट करेंगे, जिनमें अग्नि सुरक्षा और अन्य ऑपरेशनल कंप्लायंस का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस मॉडल का फायदा यह है कि नए प्रोजेक्ट की तुलना में इसमें 6 से 12 महीने का कम समय लगता है, जिससे रेंटल इनकम जल्दी शुरू हो सकती है।
बड़े वित्तीय लक्ष्य
कंपनी का लक्ष्य कुल ₹4,200 करोड़ की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू हासिल करना है। पहले चरण में 30 लाख वर्ग फीट का काम 2027 में शुरू होगा, जिससे 2028 तक रेंटल यील्ड मिलने की उम्मीद है। बाकी 85 लाख वर्ग फीट का काम अगले 12 से 18 महीनों के भीतर चरणों में पूरा किया जाएगा।
कंपनी का नेतृत्व अंशुल सिंघल कर रहे हैं और शैलेश वी. हरिभक्ति बोर्ड के चेयरमैन हैं। भविष्य में कंपनी डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी कदम रखने की तैयारी कर रही है।
