शहरी खर्चों में उछाल: बड़े शहरों के पास फार्महाउस और प्लॉट की मांग बढ़ी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
शहरी खर्चों में उछाल: बड़े शहरों के पास फार्महाउस और प्लॉट की मांग बढ़ी
Overview

शहरों में बढ़ते हाउसिंग कॉस्ट (Housing Cost) के कारण, बड़े शहरों से दो घंटे के दायरे में फार्महाउस (Farmhouse) और प्लॉटेड डेवलपमेंट (Plotted Development) की मांग में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है। NCR के सोनीपत और फरीदाबाद, और राजस्थान के नूआगांव जैसे इलाकों में खरीदारों और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और कनेक्टिविटी (Connectivity) है। डेवलपर्स (Developers) भी इस बदलते ट्रेंड के चलते ज़मीनें खरीदकर हॉरिजॉन्टल ग्रोथ (Horizontal Growth) पर ध्यान दे रहे हैं।

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निवेशक हॉरिजॉन्टल ग्रोथ को दे रहे हैं तरजीह

शहरों में आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों के चलते, खरीदार अब बड़े शहरों से दो घंटे की ड्राइव के अंदर आने वाले फार्महाउस और प्लॉटेड डेवलपमेंट की ओर रुख कर रहे हैं। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) जैसे सोनीपत, पानीपत और फरीदाबाद में यह ट्रेंड खास तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, राजस्थान के अलवर जिले का नूआगांव फार्महाउस प्रोजेक्ट्स के लिए एक अहम जगह बनकर उभर रहा है। महाराष्ट्र और बेंगलुरु के आसपास के इलाकों में भी कुछ ऐसा ही पैटर्न देखने को मिल रहा है। यह भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है, जहां ज़मीन को एक मूल्यवान और बढ़ती हुई संपत्ति के तौर पर देखा जा रहा है।

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ी पहुंच और दिलचस्पी

हाल ही में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) के खुलने से नूआगांव जैसे इलाकों तक पहुंचना काफी आसान हो गया है। नूआगांव में छह गेटेड फार्महाउस कम्युनिटी बनाने वाले राम रतन ग्रुप (Ram Rattan Group) जैसे डेवलपर्स बताते हैं कि अब गुरुग्राम से सिर्फ 60 मिनट और नोएडा या जयपुर से करीब 90 मिनट में पहुंचा जा सकता है। इस बेहतर कनेक्टिविटी ने NCR मार्केट को लेकर खरीदारों की सोच बदली है। जहां अच्छी तरह से बने हाई-राइज़ (High-rise) अब भी आकर्षित करते हैं, वहीं सोनीपत, फरीदाबाद और मेरठ जैसे बाजारों में प्लॉटेड डेवलपमेंट की मांग साफ तौर पर बढ़ रही है।

डेवलपर्स का हॉरिजॉन्टल प्रोजेक्ट्स की ओर झुकाव

बाजार के इन बदलावों को देखते हुए, रियल एस्टेट डेवलपर्स रणनीतिक रूप से हॉरिजॉन्टल डेवलपमेंट के लिए ज़मीनें खरीद रहे हैं। भूमि ग्रुप (Bhumika Group) ने फरीदाबाद में ज़मीन का अधिग्रहण किया है, और ट्राइडेंट रियलिटी (Trident Realty) ने पानीपत में अपने नए लॉन्च किए गए प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में शानदार बिक्री दर्ज की है। नियोलिव (NeoLiv) ने फरीदाबाद में 285 प्लॉट्स के लॉन्च से ₹1,251 करोड़ की सफल बिक्री की है, साथ ही महाराष्ट्र के पनवेल-खोपोली बेल्ट में 76 एकड़ ज़मीन खरीदी है, जो डेवलपर्स के इस फोकस को दिखाता है। टाउनशिप, गेटेड कम्युनिटी और विला की ओर यह कदम एक्सप्रेस-वे, हाईवे और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड से मजबूत हो रहा है, जिससे आवागमन का समय कम हो गया है।

एक एसेट क्लास के तौर पर ज़मीन का बढ़ता मूल्य

खरीदार अब ज़मीन को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की अच्छी संभावना वाली एक ठोस संपत्ति के रूप में देख रहे हैं। अलीबाग में मांडवा जेटी (Mandwa Jetty) के पास और चौंक-कर्जत (Chowk-Karjat) क्षेत्र में पेनिनसुला लैंड (Peninsula Land) के प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स भारतीय और अप्रवासी भारतीय (NRI) निवेशकों दोनों का ध्यान खींच रहे हैं। ये इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट (Integrated Development) शहर की सुविधाओं के साथ-साथ शांत और बेहतर जीवनशैली के फायदे भी देते हैं। डेवलपर्स मैनेज्ड फार्मलैंड (Managed Farmland) के विकल्प देकर इन प्रोजेक्ट्स की अपील बढ़ा रहे हैं, जिसमें मेंटेनेंस और अन्य सेवाएं शामिल हैं, जो इन्हें हॉलिडे होम, भविष्य के निवेश और वैकल्पिक जीवनशैली के लिए आकर्षक बनाती हैं।

बाजार में प्रतिस्पर्धा और भविष्य की संभावनाएं

प्लॉटेड डेवलपमेंट और फार्महाउस की बढ़ती मांग खरीदारों के उस व्यापक ट्रेंड को दर्शाती है जो भीड़-भाड़ वाले शहरी केंद्रों से दूर बेहतर वैल्यू और जीवनशैली की तलाश में हैं। इन बाहरी इलाकों के डेवलपर्स बढ़ी हुई गतिविधि और संभावित मूल्य वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं। जो लोग बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे अच्छा उपयोग कर सकते हैं और अच्छी तरह से प्रबंधित कम्युनिटी की पेशकश कर सकते हैं, वे इस निरंतर मांग से लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में होंगे। हॉरिजॉन्टल ग्रोथ पर यह फोकस रियल एस्टेट डेवलपमेंट की रणनीतियों में एक स्थायी बदलाव का सुझाव देता है, जो विशेष रूप से हाई-डेंसिटी वर्टिकल कंस्ट्रक्शन से हट रहा है। जैसे-जैसे शहरी जीवन की लागत ऊंची बनी हुई है और देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी में सुधार जारी है, यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.