WSIB का ₹230 करोड़ का निवेश
दुनिया के बड़े पेंशन फंड में शामिल Washington State Investment Board (WSIB) ने हॉवेलिया ग्रुप (Hawelia Group) के श्री राधा स्काई गार्डन (Shree Radha Sky Garden) प्रोजेक्ट में ₹230 करोड़ का निवेश किया है। यह WSIB का किसी रुके हुए प्रोजेक्ट में पहला ग्लोबल निवेश है, जो NCR रियल एस्टेट मार्केट के प्रति मजबूत समर्थन का संकेत देता है। हॉवेलिया ग्रुप के एमडी निखिल हॉवेलिया के अनुसार, यह निवेश दर्शाता है कि NCR मार्केट के बारे में लोगों की सोच बदल रही है।
यह फंड 2.4 मिलियन स्क्वायर फीट के रेजिडेंशियल स्पेस के डेवलपमेंट में इस्तेमाल होगा। कंपनी करीब एक दशक पुराने इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू कर रही है, जो सालों से रुका हुआ था।
रेगुलेटरी रास्ते पर प्रोजेक्ट का रेज्यूमे
इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया काफी स्ट्रक्चर्ड रही। हॉवेलिया ग्रुप ने 2023 में 'इन्वेस्ट इन यूपी' (Invest in UP) के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया था। स्टेट गवर्नमेंट की बैकिंग हासिल करने में ग्रुप की 'को-डेवलपर पॉलिसी' अहम साबित हुई। दिसंबर 2023 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 2,064-यूनिट वाले इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Greater Noida Industrial Development Authority) ने आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। जुलाई 2024 में डेवलपर्स के साथ ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) साइन किया गया। इसके बाद फरवरी 2026 में यूपी रेरा (UP RERA) से भी अप्रूवल मिल गया, जिससे रेगुलेटरी हर्डल्स दूर हो गए। अब उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट अगले 42 से 48 महीनों में पूरा हो जाएगा।
NCR में अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का हल
यह इनिशिएटिव NCR में अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की समस्या को सुलझाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने पहले पूर्व NITI Aayog चेयरमैन अमिताभ कांत (Amitabh Kant) की अगुवाई वाली एक कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी थी। इस कमेटी का लक्ष्य नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे रीजन में 200,000 से अधिक अटके हुए फ्लैट्स को पुनर्जीवित करना था। WSIB का यह निवेश बताता है कि ये रिवाइवल मैकेनिज्म इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स के लिए तेजी से आकर्षक हो रहे हैं।