उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छी खबर है। UPRERA ने **15** नई आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल **₹1,226.57 करोड़** का निवेश किया जाएगा, जिससे प्रदेश में **1,549** नई यूनिट्स तैयार होंगी।
प्रोजेक्ट्स का विस्तार और वितरण
UPRERA की 216वीं बोर्ड मीटिंग में इन प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगाई गई। लखनऊ इन प्रोजेक्ट्स का केंद्र बना हुआ है, जहां 7 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लिए ₹471.24 करोड़ का निवेश होगा, जिससे 599 यूनिट्स बाजार में आएंगी। इसके अलावा मथुरा में ₹252.80 करोड़ और वाराणसी में ₹166.73 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही आगरा, बुलंदशहर, बाराबंकी, मेरठ और मुरादाबाद में भी विकास कार्य शुरू होंगे।
ग्राहकों के लिए सुरक्षा का कवच
इन मंजूरियों का मतलब है कि प्रोजेक्ट्स ने RERA (2016) के कड़े नियमों को पूरा किया है। इसमें 70% फंड को अनिवार्य रूप से एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) में रखना होता है, ताकि पैसा उसी प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल हो सके। यह नियम डेवलपर्स की मनमानी पर रोक लगाता है और होमबायर्स का भरोसा मजबूत करता है।
भविष्य की राह: कैसे ट्रैक करें प्रोग्रेस?
मंजूरी मिलना तो सिर्फ शुरुआत है। अब असली चुनौती समय पर डिलीवरी की है। निवेशकों और खरीदारों को सलाह है कि वे UPRERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट्स पर नजर रखें। कच्चे माल की लागत और लेबर की उपलब्धता जैसे फैक्टर प्रोजेक्ट की रफ्तार तय करेंगे। पोर्टल पर उपलब्ध अपडेट्स से आप जान सकेंगे कि कंस्ट्रक्शन शेड्यूल के हिसाब से चल रहा है या नहीं।
