कोलकाता के ईएम बाईपास (EM Bypass) पर बन रहा Trump Tower अब दिसंबर 2026 तक पूरा होने की राह पर है। साल 2017 में लॉन्च हुआ यह प्रोजेक्ट लंबे समय से देरी और टैक्स विवादों के कारण चर्चा में था, लेकिन अब डेवलपर्स ने इसके 137 यूनिट्स के हैंडओवर के लिए नई डेडलाइन तय कर दी है।
प्रोजेक्ट में अब तक क्या हुआ?
कोलकाता की सबसे प्रतिष्ठित इमारतों में शुमार 38-मंजिला Trump Tower का काम अब अंतिम चरण में है। इस प्रोजेक्ट को Tribeca Developers, Unimark Group और RDB Group का जॉइंट वेंचर मिलकर विकसित कर रहा है। साल 2017 में जब इसे लॉन्च किया गया था, तब उम्मीद थी कि काम 2020 तक पूरा हो जाएगा, लेकिन वैश्विक महामारी और सप्लाई चेन की दिक्कतों ने इस रफ्तार को रोक दिया था।
क्यों अटका था प्रोजेक्ट?
प्रोजेक्ट में देरी की एक बड़ी वजह कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (KMC) के साथ हुआ प्रॉपर्टी टैक्स विवाद था। इस विवाद की वजह से बिल्डर पर लगभग ₹14 करोड़ का मामला चल रहा था, जिसने बिल्डिंग प्लान के रिवैलिडेशन को प्रभावित किया और निर्माण कार्य सुस्त पड़ गया।
निवेशकों के लिए ताजा अपडेट
West Bengal Real Estate Regulatory Authority की फाइलिंग के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में कुल 137 यूनिट्स हैं, जिनमें से 105 यूनिट्स की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। हालांकि कुछ खरीदारों को इंटीरियर फिट-आउट के लिए शुरुआती एक्सेस दिया गया है, लेकिन आधिकारिक हैंडओवर पूरी तरह से म्युनिसिपल बॉडी से मिलने वाले कंप्लीशन सर्टिफिकेट (Completion Certificate) पर निर्भर करता है। डेवलपर्स का कहना है कि लिफ्ट और ड्रेनेज जैसी जरूरी अनुमतियां मिलने से काम में तेजी आई है। अब देखना यह है कि क्या कंपनी दिसंबर 2026 की समय सीमा में प्रोजेक्ट को हैंडओवर कर पाती है या निवेशकों का इंतजार 2027 तक खिंच जाएगा।
