Telangana सरकार ने Indiramma Indlu हाउसिंग स्कीम लॉन्च कर दी है। इसके तहत हैदराबाद में घर बनाने के लिए प्रति यूनिट ₹5 लाख की सब्सिडी दी जाएगी। इस स्कीम का लक्ष्य एक लाख घर बनाना है, जिसमें पहले चरण में 7,680 फ्लैट्स निम्न-आय वर्ग के लिए होंगे। आवेदन करने वालों को कुछ खास शर्तों को पूरा करना होगा।
Telangana सरकार ने आखिरकार Indiramma Indlu हाउसिंग स्कीम को लॉन्च कर दिया है। यह स्कीम खास तौर पर हैदराबाद के Core Urban Region Economy (CURE) एरिया में सस्ते घर उपलब्ध कराने के लिए है। राज्य का लक्ष्य कुल 1 लाख किफायती घर बनाने का है। पहले चरण में, Telangana Housing Board (TGHB) 16 विधानसभा सीटों पर 7,680 फ्लैट्स का निर्माण करेगा, जो विशेष रूप से निम्न-आय वर्ग (Low Income Group - LIG) परिवारों के लिए होंगे।
सब्सिडी और लागत का हिसाब
इस स्कीम के तहत हर घर की कीमत आम आदमी की पहुंच में रखने की कोशिश की गई है। फाइनेंशियल मॉडल में हर लाभार्थी को सरकार की ओर से ₹5 लाख की सब्सिडी मिलेगी। बाकी ₹6 लाख का इंतजाम आवेदक को खुद करना होगा। सरकार ने यह भी कहा है कि इसके लिए जमीन मुफ्त दी जाएगी, जिससे राज्य का निर्माण बोझ और घर खरीदार की लागत दोनों कम हो जाएगी। ये फ्लैट 528 sq. ft. बिल्ट-अप एरिया और 400 sq. ft. कारपेट एरिया के होंगे।
आवेदन की प्रक्रिया और योग्यता
इच्छुक नागरिक 23 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक MeeSeva सेंटर्स या WhatsApp के जरिए अप्लाई कर सकते हैं। अप्लाई करने के लिए ₹100 की फीस और ₹10,000 का रिफंडेबल अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (Earnest Money Deposit) देना होगा। योग्यता की बात करें तो, आवेदक को CURE एरिया में कम से कम 10 साल से रहना होगा, आउटर रिंग रोड (ORR) के अंदर कोई प्रॉपर्टी नहीं होनी चाहिए, और परिवार की सालाना आय ₹6 लाख या उससे कम होनी चाहिए। अगर आवेदकों की संख्या उपलब्ध यूनिट्स से ज्यादा हुई, तो डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद लॉटरी निकाली जाएगी।
मालिकाना हक के नियम और आरक्षण
यह सुनिश्चित करने के लिए कि घर सही लोगों तक पहुंचें, सरकार ने 10 साल का लॉक-इन पीरियड लगाया है। इसका मतलब है कि इस अवधि के दौरान लाभार्थी अपना फ्लैट बेच या किराए पर नहीं दे पाएंगे। हालांकि, घर के मालिक अपने योगदान के लिए मॉर्टगेज (Mortgage) ले सकते हैं। पेमेंट 4 किश्तों में होगा: ₹1 लाख प्रोविजनल अलॉटमेंट पर, ₹2 लाख RCC स्ट्रक्चर पूरा होने पर, ₹2 लाख फिनिशिंग स्टेज पर, और बाकी पेमेंट घर का पजेशन (Possession) मिलने से पहले।
इस प्रोजेक्ट में सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने के लिए आरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। कुल फ्लैट्स में से 50% अनुसूचित जातियों (SC), अनुसूचित जनजातियों (ST), पिछड़ा वर्ग (BC), दिव्यांग जनों, सफाई कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग या क्लास-IV कर्मचारियों के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा, 30% फ्लैट्स विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। निवेशक और विश्लेषकों को इन 7,680 यूनिट्स के निर्माण की समय-सीमा पर नजर रखनी चाहिए और जैसे-जैसे प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा, बाकी 26 विधानसभा सीटों पर इस स्कीम के विस्तार से जुड़ी नई जानकारियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
