यह बड़ा विस्तार, जिसमें 4 लाख वर्ग फुट (400,000 Sq Ft) कोकापेट के ग्रावा बिजनेस पार्क (Grava Business Park) में है, Table Space के हैदराबाद को लेकर बड़े दांव को दिखाता है।
इसके अलावा, कंपनी ने HITEC City इलाके में K Raheja Mindspace IT Park में करीब 50,000 वर्ग फुट (50,000 Sq Ft) और Aparna Technopolis में लगभग 48,000 वर्ग फुट (48,000 Sq Ft) जगह भी लीज पर ली है।
यह कदम हैदराबाद के कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में आ रही ज़बरदस्त ग्रोथ के बीच आया है। 2026 की पहली तिमाही में यहाँ 58.6 लाख वर्ग फुट (5.86 million Sq Ft) ऑफिस स्पेस की रिकॉर्ड डील्स हुई हैं। वहीं, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की डिमांड में पिछले साल के मुकाबले 457% की भारी उछाल देखी गई है।
हैदराबाद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए एक बड़ा हब बनता जा रहा है। 2025 में भारत में खुले 46% नए GCCs इसी शहर में आए हैं। BFSI, टेक्नोलॉजी और लाइफ साइंसेज जैसे सेक्टर्स इस ग्रोथ को आगे बढ़ा रहे हैं।
Table Space खास तौर पर बड़ी कंपनियों और GCCs पर फोकस करता है। वे 'Workspace-as-a-Service' मॉडल पेश करते हैं, जिसमें डिज़ाइन से लेकर ऑपरेशंस तक सब कुछ एक ही एग्रीमेंट के तहत होता है।
कंपनी की योजना है कि 2026-27 फाइनेंशियल ईयर तक अपने नेशनल पोर्टफोलियो को दोगुना कर 1.8 करोड़ वर्ग फुट (18 million Sq Ft) से ज़्यादा कर ले।
FY24 में कंपनी का रेवेन्यू 10 करोड़ डॉलर (100 million USD) के पार चला गया था। अब Table Space अपना IPO लाने की तैयारी में है, जिसका टारगेट वैल्यूएशन 2-2.5 बिलियन डॉलर (2-2.5 billion USD) रखा गया है।
यह विस्तार WeWork India, Smartworks और Awfis जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ सीधे मुकाबले में कंपनी को खड़ा करता है।
हालांकि, इस तेज़ ग्रोथ के साथ कुछ चुनौतियाँ भी हैं। 2026 के अंत तक 4 करोड़ वर्ग फुट (40 million Sq Ft) नए ऑफिस स्पेस के आने से ओवरसप्लाई का खतरा है। साथ ही, एक्सपेंशन और टेक्नोलॉजी में भारी निवेश के चलते प्रॉफिट मार्जिन को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती होगी।