Table Space IPO: ₹800 करोड़ का IPO ला रही कंपनी, कर्ज चुकाने पर फोकस

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AuthorAditya Rao|Published at:
Table Space IPO: ₹800 करोड़ का IPO ला रही कंपनी, कर्ज चुकाने पर फोकस

Managed workspace की दिग्गज कंपनी Table Space Technologies ने ₹800 करोड़ के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर दिए हैं। कंपनी इस फंड का बड़ा हिस्सा अपना कर्ज (Debt) चुकाने में इस्तेमाल करेगी, जो जून 2026 तक ₹970 करोड़ से ज़्यादा था। निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि कंपनी बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच अपनी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) कैसे बढ़ाती है।

₹800 करोड़ का IPO ला रही Table Space Technologies

बेंगलुरु की टेबल स्पेस टेक्नोलॉजीज ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। कंपनी फ्रेश शेयर्स जारी करके ₹800 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है। इसके अलावा, मौजूदा निवेशकों और प्रमोटरों द्वारा 6.54 करोड़ शेयर्स की ऑफर-फॉर-सेल (OFS) भी होगी।

IPO का मुख्य उद्देश्य: कर्ज का बोझ कम करना

इस IPO का सबसे बड़ा फोकस कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure) को दुरुस्त करना है। फ्रेश फंड में से ₹550 करोड़ सीधे कंपनी के बकाया कर्ज (Outstanding Debt) को चुकाने के लिए रखे गए हैं। जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹970.6 करोड़ का कर्ज था। इस कर्ज को कम करके, कंपनी अपनी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी (Financial Flexibility) को बढ़ाना चाहती है और इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) को कम करना चाहती है, जो कि कंपनी की बैलेंस शीट पर एक बड़ा दबाव बना हुआ था।

बिजनेस मॉडल और कामकाज

Table Space मैनेज्ड वर्कस्पेस सेक्टर में काम करती है और बड़े एंटरप्राइजेज (Enterprises) को ऑफिस सॉल्यूशंस (Office Solutions) मुहैया कराती है। फिलहाल, कंपनी के पास मुंबई, बेंगलुरु, गुरुग्राम और हैदराबाद जैसे आठ प्रमुख भारतीय शहरों में 33 क्लस्टर्स में फैले 11.46 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस का पोर्टफोलियो है। इस बिजनेस मॉडल में बड़ी ऑफिस स्पेस को सिक्योर करना और उन्हें कॉर्पोरेट क्लाइंट्स को लीज पर देना शामिल है, जिसमें बड़े पैमाने पर कैपिटल खर्च (Capital Spending) और लॉन्ग-टर्म लीज लायबिलिटीज़ (Long-term Lease Liabilities) शामिल होती हैं।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस: ग्रोथ के साथ घाटा

फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो, कंपनी ने टॉप-लाइन ग्रोथ (Top-line Growth) में शानदारThe ss. मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए, कंपनी ने ₹2,262.3 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹1,360.5 करोड़ की तुलना में 66.3% की बढ़ोतरी है। रेवेन्यू में इस ग्रोथ के बावजूद, कंपनी अभी भी घाटे में चल रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, कंपनी ने ₹403.3 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹1,554.1 करोड़ के घाटे से एक महत्वपूर्ण सुधार है।

कॉम्पिटिशन और आगे की राह

कंपनी एक बेहद कॉम्पिटिटिव (Competitive) माहौल का सामना कर रही है। भारत में मैनेज्ड ऑफिस सेक्टर में Awfis और कई ग्लोबल व लोकल वर्कस्पेस प्रोवाइडर्स (Workspace Providers) जैसे कई प्लेयर मौजूद हैं। इस सेक्टर में सफलता कंपनी की क्षमता पर निर्भर करती है कि वह अपने पोर्टफोलियो में हाई ऑक्यूपेंसी रेट (High Occupancy Rates) बनाए रख सके और इन बड़े ऑफिस स्पेस को फिट-आउट (Fit-out) और मेंटेन करने से जुड़ी लागतों का प्रबंधन कर सके।

इस IPO में प्रमुख मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। AGS TS II Holdings Pte, जो Hillhouse Investment से जुड़ा है, 4.98 करोड़ तक शेयर बेचने की योजना बना रहा है। प्रमोटर करण चोपड़ा और कुणाल मेहरा भी शेयर बिक्री में हिस्सा ले रहे हैं। कंपनी ₹160 करोड़ तक के प्री-IPO प्लेसमेंट (Pre-IPO Placement) पर भी विचार कर रही है, जो सफल रहा तो फ्रेश इश्यू का आकार कम हो जाएगा। निवेशकों के लिए अगले महत्वपूर्ण कदम SEBI से रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approval) प्रक्रिया, फाइनल IPO टाइमलाइन और कंपनी की कर्ज प्रबंधन और लगातार प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ने की योजनाओं पर अपडेट्स पर नज़र रखना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.