Telangana Real Estate Regulatory Authority (TGRERA) ने 'Chabbras Bentley Woods' प्रोजेक्ट के प्रमोटर पर भारी जुर्माना लगाया है। कंपनी पर विला के साइज में हेरफेर और नियमों से बचने के लिए प्रोजेक्ट को गलत तरीके से पेश करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा
तेलंगाना के रियल एस्टेट रेगुलेटर TGRERA ने हैदराबाद के 'Chabbras Bentley Woods' प्रोजेक्ट के प्रमोटर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी को कुल ₹98 लाख की पेनल्टी का सामना करना पड़ा है। यह एक्शन भ्रामक विज्ञापनों और रेगुलेटरी नियमों को दरकिनार करने की कोशिशों के बाद लिया गया है।
क्या है विवाद की जड़?
शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने 5,069 स्क्वायर फीट का विला होने का दावा किया था, जबकि सेल एग्रीमेंट में केवल 3,900 स्क्वायर फीट ही ऑफर किया गया। बिल्डर ने बचे हुए हिस्से को 'ओपन स्पेस' बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की, जिसे रेगुलेटर ने सिरे से खारिज कर दिया और इसे RERA एक्ट का सीधा उल्लंघन माना।
इसके अलावा, बिल्डर ने 44 विला वाली गेटेड कम्युनिटी को 'इंडिविजुअल प्लॉट्स' बताकर पेश किया था, ताकि प्रोजेक्ट के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से बचा जा सके। रेगुलेटर ने इसे बैड फेथ (Bad Faith) माना है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इस मामले में रेगुलेटर ने प्रमोटर को शिकायतकर्ता का ₹20 लाख का एडवांस पेमेंट 30 दिनों के भीतर वापस करने का आदेश दिया है। यह केस होमबॉयर्स के लिए एक बड़ी सीख है कि किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले RERA की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट का स्टेटस और अप्रूव्ड प्लान जरूर चेक करें। रेगुलेटरी कार्रवाई के चलते अक्सर प्रोजेक्ट्स में देरी और फंड्स फंसने का जोखिम बना रहता है।
