दिल्ली के रियल एस्टेट में बड़ी हलचल
Executive Centre India (TEC) ने दिल्ली के वर्ल्डमार्क एयरोसिटी में तीन अलग-अलग साइट्स पर कुल 480,000 वर्ग फुट की ज़मीन लीज पर ली है। यह TEC की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जो भारत के बड़े बिजनेस सेंटर्स में फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की ज़बरदस्त मांग को भुनाने के लिए उठाया गया कदम है।
क्या हैं लीज की डीटेल्स?
इस लीज के तहत, बिल्डिंग 4 में 101,000 वर्ग फुट की जगह मिलेगी, जिसमें 1,100 वर्कस्टेशन्स होंगे। इसके बाद बिल्डिंग 6 में 112,000 वर्ग फुट एरिया और 1,220 वर्कस्टेशन्स होंगे। सबसे बड़ा हिस्सा बिल्डिंग 8 में है, जो 267,505 वर्ग फुट में फैला है और 2,800 वर्कस्टेशन्स के लिए जगह देगा। इस कदम के पीछे दिल्ली NCR में बढ़ती मांग है, जहां हाल ही में ऑफिस लीजिंग में 17.4 मिलियन वर्ग फुट का इजाफा देखा गया है। इसमें बड़ा हिस्सा IT/ITeS कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का है, जो तेजी से फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की ओर रुख कर रहे हैं।
फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का भविष्य
भारत में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और साल 2031 तक इसके USD 12.87 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। पहले जहां ये स्पेस स्टार्टअप्स के लिए होते थे, वहीं अब ये बड़ी कंपनियों के रियल एस्टेट पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बन गए हैं। देशभर में फ्लेक्स सीट एब्जॉर्प्शन में 72% तक बड़ी कंपनियों का योगदान है। ग्लोबल फर्में अपने GCC ऑपरेशन्स को बढ़ाने के लिए इन स्पेस का इस्तेमाल कर रही हैं, और IT/ITeS सेक्टर भी बड़ा किरायेदार बना हुआ है। TEC India के CEO, पॉल सेल्निकॉफ ने कहा कि एयरोसिटी लोकेशन प्रीमियम और अच्छी तरह से स्थित फ्लेक्सिबल ऑफिस की मांग को पूरा करने के लिए काफी रणनीतिक है।
कौन हैं TEC के पीछे?
साल 2021 से KKR और TIGA Investments के मालिकाना हक वाली TEC, प्रीमियम ग्रेड-A ऑफिस लोकेशन्स ऑफर करती है। कंपनी Smartworks, IndiQube, Awfis, और Table Space जैसी कंपनियों के साथ कॉम्पिटिशन में है, जो एंटरप्राइज क्लाइंट्स और GCCs को मैनेज्ड ऑफिस सॉल्यूशंस प्रदान करती हैं। वर्ल्डमार्क एयरोसिटी में TEC का नया लोकेशन खास है, क्योंकि इस डेवलपमेंट में पहले से ही 95% तक का ऑक्यूपेंसी रेट है और EY व KPMG जैसी कंपनियां यहां पहले से मौजूद हैं।
बाज़ार के उतार-चढ़ाव और भविष्य
हालांकि, 480,000 वर्ग फुट जैसी बड़ी लीज के लिए लगातार और तेजी से ऑक्यूपेंसी मिलना ज़रूरी है। GCC और IT/ITeS ग्रोथ पर निर्भरता ग्लोबल इकोनॉमिक ट्रेंड्स या कंपनी आउटसोर्सिंग प्लान्स में बदलाव से प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, ग्रेड-A ऑफिस स्पेस की बढ़ती सप्लाई, जिसमें फ्लेक्सिबल ऑप्शंस भी शामिल हैं, अगर मांग धीमी हुई तो किराये की दरों पर दबाव बना सकती है। दिल्ली NCR में ग्रेड A रेंट में 8.7% की बढ़ोतरी ने बाजार को सहारा दिया है, जो सप्लाई में नियंत्रण और मजबूत मांग पर निर्भर करता है।
भविष्य को देखते हुए, एनालिस्ट्स का मानना है कि भारत का ऑफिस लीजिंग मार्केट मजबूत बना रहेगा, जिसमें दिल्ली NCR एक प्रमुख डिमांड हब बना रहेगा। फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर के और विस्तार की उम्मीद है, जहां प्रोवाइडर्स अधिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेंगे और 'Workplace-as-a-Service' जैसे फुल-फ्लेज्ड ऑप्शन देंगे। TEC की यह बड़ी लीज, बड़ी कंपनियों की फ्लेक्सिबल, हाई-क्वालिटी ऑफिस सॉल्यूशंस की जरूरत को पूरा करके इस बढ़ते बाजार का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने के उसके आत्मविश्वास को दिखाती है।