मुनाफे में लौटी TARC, रेवेन्यू में 308% का उछाल
रियल एस्टेट डेवलपर TARC Limited ने अपने Q3 FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने शानदार परफॉरमेंस दिखाई है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 308.8% बढ़कर ₹38.38 लाख हो गया। वहीं, नौ महीने (9MFY26) में रेवेन्यू में 453.4% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹121.14 लाख तक पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि कंपनी इस अवधि में घाटे से निकलकर ₹17.42 लाख का नेट प्रॉफिट कमाने में सफल रही है।
ऑपरेशनल फ्रंट पर भी मजबूत पकड़
फाइनेंशियल नतीजों के साथ-साथ TARC ने ऑपरेशनल मोर्चे पर भी अपनी ताकत दिखाई है। 9MFY26 में कंपनी का कैश फ्लो ₹907 करोड़ रहा, जो पूरे पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के कैश फ्लो से ज़्यादा है। वहीं, प्री-सेल्स बुकिंग ₹977 करोड़ पर पहुंच गई। TARC Ishva प्रोजेक्ट में एक नए फेज को RERA अप्रूवल मिलने से डेवलपमेंट एरिया और ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) का पोटेंशियल बढ़कर ₹3,600 करोड़ हो गया है। TARC Tripundra प्रोजेक्ट को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिल चुका है, जो भविष्य के रेवेन्यू के लिए पॉजिटिव संकेत है।
Net Debt Zero का लक्ष्य और भविष्य की योजना
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अमर सरीन का कहना है कि मैनेजमेंट अनुशासित एग्जीक्यूशन, सोची-समझी लॉन्चिंग और स्ट्रैटेजिक पाइपलाइन एक्सपेंशन पर फोकस कर रहा है। कंपनी का एक बड़ा लक्ष्य Net Debt Zero हासिल करना है, जिसके लिए वह मौजूदा ₹1,900 करोड़ से ज़्यादा के ग्रॉस डेट को कम करेगी। अगले पांच सालों में ₹10,000 करोड़ से ज़्यादा का कैश फ्लो जेनरेट होने की उम्मीद है। भविष्य में TARC Tripundra से ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा और TARC Kailasa व Ishva प्रोजेक्ट्स से करीब ₹8,000 करोड़ के रेवेन्यू की पहचान होने का अनुमान है। कंपनी अपनी ESG (एनवायरनमेंटल, सोशल, गवर्नेंस) प्रतिबद्धताओं पर भी ध्यान दे रही है।