Suraksha Group ने सितंबर 2028 तक सभी अटके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का वादा किया है। साल 2024 में कमान संभालने के बाद से अब तक कंपनी **84** टावर हैंडओवर कर चुकी है।
निर्माण कार्य में तेजी
Suraksha Group ने Jaypee Infratech Limited के पेंडिंग रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए ₹3,000 करोड़ का नया निवेश करने का फैसला किया है। कंपनी ने सितंबर 2028 तक सभी यूनिट्स की डिलीवरी का कड़ा लक्ष्य रखा है, जो कभी दिवालिया घोषित हुई कंपनी के पुनरुद्धार की दिशा में एक बड़ा कदम है।
जून 2024 में बागडोर संभालने के बाद से, Suraksha Group ने काम में तेजी लाते हुए अब तक 84 टावर पूरे कर लिए हैं और 7,913 घर खरीदारों को हैंडओवर किए जा चुके हैं।
फंड का इंतजाम और बिजनेस प्लान
निर्माण कार्य के लिए कंपनी पूरी तरह से इंटरनल रिसोर्सेज पर निर्भर है। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे के टोल कलेक्शन से होने वाली कमाई, अनसोल्ड इन्वेंटरी (लगभग ₹2,500 करोड़) की बिक्री और ग्राहकों से बकाया पेमेंट की रिकवरी शामिल है।
इसके साथ ही, ग्रुप अब विकास की राह पर है। कंपनी ने यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 450 एकड़ से अधिक भूमि पर 3 नई टाउनशिप लॉन्च करने का ऐलान किया है, जिसमें दो रेजिडेंशियल और एक इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट शामिल है।
अहम जानकारी
ध्यान रहे कि Jaypee Infratech अब एक लिस्टेड कंपनी नहीं है। NCLT की प्रक्रिया के तहत फरवरी 2025 में इसके शेयर NSE और BSE से डीलिस्ट (Delisted) हो चुके हैं।
हालांकि, चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की ओर से प्रदूषण के कारण निर्माण पर लगने वाली रोक और कैश-फ्लो मैनेजमेंट कंपनी के लिए प्रमुख रिस्क फैक्टर बने रहेंगे। प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी पूरी तरह से कंस्ट्रक्शन माइलस्टोन्स की रफ्तार पर टिकी है।
