Jaypee Wish Town: Suraksha Group ने प्रोजेक्ट डिलीवरी में भरी रफ़्तार, 4200+ यूनिट्स को मिला OC

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Jaypee Wish Town: Suraksha Group ने प्रोजेक्ट डिलीवरी में भरी रफ़्तार, 4200+ यूनिट्स को मिला OC

Suraksha Group ने Jaypee Wish Town प्रोजेक्ट में नए माइलस्टोन हासिल किए हैं। कंपनी ने सात टावरों के स्ट्रक्चरल ऑडिट पूरे कर लिए हैं और 4,200 से ज़्यादा यूनिट्स के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) हासिल किए हैं। डेवलपर 2027 तक 20,000 घर पूरे करने के लिए कुल ₹5,500 करोड़ का निवेश करेगा।

Jaypee Wish Town में क्या हुआ?

Suraksha Group, Jaypee Infratech के अटके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है। हाल ही में कंपनी ने नोएडा के Wish Town प्रोजेक्ट में 7 टावरों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट पूरे करने की घोषणा की है। इन 7 टावरों में कुल 583 यूनिट्स हैं। सुरक्षा और नियमों के पालन के तहत, इनमें से दो टावरों के लिए फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल चुके हैं, जबकि बाकी के लिए अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है।

सिर्फ यहीं नहीं, ग्रुप 7 और टावरों के ऑडिट पर भी काम कर रहा है, जिनमें 888 यूनिट्स शामिल हैं। यह सब स्थानीय अधिकारियों से फाइनल ऑक्यूपेंसी क्लीयरेंस के लिए अप्लाई करने से पहले एक अहम कदम है। प्रोजेक्ट की रफ़्तार बनाए रखने के लिए, टाउनशिप में करीब 6,000 यूनिट्स पर कंस्ट्रक्शन का काम तेज़ी से चल रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और डिलीवरी का टारगेट

आज तक, Suraksha Group ने 84 टावर पूरे कर लिए हैं, जिनमें कुल 7,913 रेजिडेंशियल यूनिट्स हैं। इनमें से 42 टावरों यानी 4,213 यूनिट्स के लिए ऑफिशियल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 26 और टावरों के लिए 2,229 यूनिट्स के आवेदन संबंधित अथॉरिटीज के पास पेंडिंग हैं। ये सभी कदम उन लोगों के लिए बेहद ज़रूरी हैं जो अपने घर का इंतज़ार कर रहे हैं।

टाउनशिप में रहने का अनुभव बेहतर बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार किए जा रहे हैं। इसमें Wish Town के सेक्टर 128, 129, 131, 133 और 134 में गंगा जल की सप्लाई बढ़ाना शामिल है। साथ ही, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अपग्रेड किया जा रहा है, जिसमें GSS-I की इलेक्ट्रिकल लोड कैपेसिटी को 19.8 MVA से बढ़ाकर 35 MVA किया जा रहा है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के अंत तक ग्यारह क्लस्टर क्लब भी चालू हो जाएंगे, जो 16,000 से ज़्यादा परिवारों की ज़रूरतों को पूरा करेंगे।

भविष्य की योजनाएं

Suraksha Group ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में Jaypee ग्रुप के अटके हुए करीब 20,000 घरों को पूरा करने के लिए लगभग ₹5,500 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का कमिटमेंट किया है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक इन घरों की डिलीवरी फाइनल करना है। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे, ग्रुप सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी पहलों पर भी ध्यान दे रहा है, जिसमें 1.5 लाख पेड़ों की जियो-टैगिंग और ट्रैफिक व फॉग डिटेक्शन के लिए AI-आधारित कैमरों की स्थापना शामिल है।

घर खरीदारों और स्टेकहोल्डर्स के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि बाकी बचे ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के आवेदन कितनी तेज़ी से मंजूर होते हैं और डेवलपमेंट के तहत हज़ारों यूनिट्स पर कंस्ट्रक्शन की रफ़्तार कैसी बनी रहती है। निवेशक और निवासी इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या ग्रुप 2027 तक अपनी निर्धारित डिलीवरी टाइमलाइन पर कायम रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.