Supertech: घर खरीदारों ने SC में खोली NBCC की पोल, 17 अटके प्रोजेक्ट्स पर बढ़ा संकट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Supertech: घर खरीदारों ने SC में खोली NBCC की पोल, 17 अटके प्रोजेक्ट्स पर बढ़ा संकट

Supertech के प्रोजेक्ट्स में फंसे घर खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खरीदारों का आरोप है कि NBCC के मैनेजमेंट में **17** रुके हुए प्रोजेक्ट्स पर काम ठप है। इसमें **₹30 करोड़** के प्रशासनिक खर्च और **₹100 करोड़** के सीड फंड के इस्तेमाल में देरी पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

प्रोजेक्ट्स की हालत बदतर

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में खरीदारों ने साफ़ कहा है कि प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य न के बराबर है। खरीदारों की एसोसिएशन का दावा है कि अब तक प्रशासनिक और कंसल्टेंसी के नाम पर ₹30 करोड़ से ज्यादा फूंक दिए गए हैं, लेकिन एक भी घर हैंडओवर के लिए तैयार नहीं है।

NBCC पर चौतरफा दबाव

इस मामले में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर तैनात NBCC (India) Limited विवादों के घेरे में है। खरीदारों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि निर्माण शुरू करने के लिए जो ₹100 करोड़ का सीड फंड (Seed Fund) देने का वादा किया गया था, वह अभी तक जारी नहीं हुआ। इसके अलावा, कंपनी द्वारा RERA नियमों में ढील मांगने का भी कड़ा विरोध किया जा रहा है। खरीदारों की मांग है कि अगर कंपनी मानकों पर खरी नहीं उतरती, तो उसे बदल दिया जाए।

निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?

NBCC का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से अटके हुए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को पूरा करना है। ऐसे में कानूनी पेच और फंड का न मिलना कंपनी की साख (Reputation) पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसी देरी से न केवल मौजूदा प्रोजेक्ट्स प्रभावित होते हैं, बल्कि कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो के भविष्य पर भी सवाल खड़े होते हैं।

अब आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से समाधान का सुझाव मांगा है। इसमें एक 'वन-मैन कमेटी' बनाने और भविष्य के फंड्स पर नजर रखने के लिए एक 'एस्क्रो अकाउंट' (Escrow Account) खोलने पर चर्चा चल रही है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 16 नवंबर, 2026 के लिए तय की है। निवेशकों की निगाहें इस फैसले पर टिकी हैं क्योंकि इसी पर 14,999 पेंडिंग घरों का भविष्य निर्भर करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.