बेंगलुरु स्थित Sumadhura Group ने साल 2030 तक **₹17,000 करोड़** के बड़े निवेश की घोषणा की है। इस प्लान के तहत कंपनी दक्षिण भारत में **45 मिलियन स्क्वायर फीट** का प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो तैयार करेगी। कंपनी का फिलहाल IPO लाने का कोई इरादा नहीं है।
बड़े विस्तार की तैयारी
Sumadhura Group ने वित्त वर्ष 2030 तक दक्षिण भारत के तीन प्रमुख शहरों—बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी इस निवेश के जरिए 45 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया को डेवलप करेगी, जिसमें रेजिडेंशियल, कमर्शियल और वेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
कमर्शियल एसेट्स पर फोकस
कंपनी अब सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगी। इसके विस्तार प्लान में 35 मिलियन स्क्वायर फीट रेजिडेंशियल, 4.2 मिलियन स्क्वायर फीट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस और 6 मिलियन स्क्वायर फीट वेयरहाउसिंग शामिल है। कंपनी का लक्ष्य अपना सालाना रेंटल इनकम मौजूदा ₹250 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,100 करोड़ के पार ले जाने का है, जिससे रेवेन्यू में बेहतर संतुलन बना रहे।
फंडिंग और IPO पर सफाई
इतने बड़े निवेश के लिए कंपनी इंटरनल कैश फ्लो और प्री-सेल्स (कस्टमर एडवांस) का सहारा लेगी। इसके साथ ही ₹2,000 करोड़ से ₹3,000 करोड़ का फ्रेश डेट यानी कर्ज लेने की भी योजना है। फिलहाल कंपनी के आईपीओ (IPO) को लेकर मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि वे अभी प्राइवेट बने रहना चाहते हैं, यानी फिलहाल इनके शेयर पब्लिक मार्केट में उपलब्ध नहीं होंगे।
रिस्क फैक्टर्स (Risks)
इतने बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बिजनेस मॉडल काफी हद तक 'प्री-सेल्स' पर निर्भर है, जो बाजार के सेंटीमेंट पर टिका है। साथ ही, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे कुछ ही शहरों में भारी मौजूदगी के कारण 'कंसंट्रेशन रिस्क' बना रहेगा, क्योंकि अगर इन प्रॉपर्टी बाजारों में सुस्ती आती है, तो इसका सीधा असर कंपनी के कैश फ्लो पर पड़ सकता है।
