रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म Square Yards ने **₹900 करोड़** की बड़ी फंडिंग हासिल कर ली है। इस फंडिंग के साथ कंपनी का वैल्यूएशन **$1 बिलियन** के पार पहुंच गया है और यह "Unicorn" क्लब में शामिल हो गई है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपने विस्तार के लिए करेगी और जल्द ही **₹2,000 करोड़** का IPO लाने की तैयारी में है।
कंपनी ने कैसे हासिल की Unicorn की पहचान?
Square Yards, जो भारत का एक प्रमुख रियल एस्टेट और मॉर्गेज प्लेटफॉर्म है, ने एक नई फंडिंग राउंड में ₹900 करोड़ जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व EAAA Alternatives ने किया, जिसमें वैश्विक क्रेडिट मैनेजर Muzinich & Co. ने भी हिस्सा लिया। इस पूंजी के आने से कंपनी का वैल्यूएशन $1 बिलियन (लगभग ₹8,300 करोड़) के पार चला गया है, जो किसी भी प्राइवेट कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब कंपनी ₹2,000 करोड़ का अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की योजना बना रही है।
वित्तीय नतीजों ने दिखाया दम
फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में Square Yards ने शानदार ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का सालाना रेवेन्यू बढ़कर ₹2,086 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की तुलना में 48% ज्यादा है। कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में भी सुधार हुआ है, EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹176 करोड़ तक पहुंच गया, जो कि 3.7 गुना की बढ़ोतरी दर्शाता है। ये आंकड़े कंपनी के ब्रोकरेज फर्म से फुल-स्टैक रियल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विसेज प्रोवाइडर बनने की यात्रा को दिखाते हैं।
बिजनेस मॉडल और विस्तार
Square Yards सिर्फ एक ब्रोकरेज फर्म की तरह काम नहीं करती, बल्कि यह प्रॉपर्टी के पूरे वैल्यू चेन में सक्रिय है। इसकी सहायक कंपनी, Urban Money, मॉर्गेज और लेंडिंग के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है, जिसने FY26 में ₹87,831 करोड़ के लोन डिस्बर्सल में मदद की। इसके अलावा, Azuro रेंटल प्रॉपर्टीज का प्रबंधन करती है और Interior Company घर के रेनोवेशन पर फोकस करती है। कंपनी वर्चुअल रियलिटी प्रॉपर्टी व्यूइंग और डेटा इंटेलिजेंस जैसे B2B टेक्नोलॉजी टूल्स का भी इस्तेमाल करती है। घर खरीदने-बेचने से आगे बढ़कर, कंपनी एक ही ग्राहक से रेवेन्यू के कई रास्ते खोलने का लक्ष्य रखती है।
IPO की राह
इस नई पूंजी के साथ, Square Yards अपनी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केट रीच को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। ₹2,000 करोड़ का आगामी IPO शुरुआती निवेशकों के लिए एक बड़ा लिक्विडिटी इवेंट साबित हो सकता है। पब्लिक मार्केट के लिए तैयार होते समय, निवेशक इस बात पर ध्यान देंगे कि कंपनी अपनी तेजी से ग्रोथ को प्रॉफिटेबिलिटी के साथ कैसे संतुलित करती है। पब्लिक मार्केट के निवेशक आमतौर पर टेक्नोलॉजी-संचालित व्यवसायों में ग्रोथ की स्थिरता पर बारीकी से नजर रखते हैं, खासकर जब वे अत्यधिक खंडित भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर रहे हों।
जोखिम और बाजार का परिदृश्य
Prop-tech सेक्टर में काम करने के अपने जोखिम हैं। भारतीय रियल एस्टेट मार्केट काफी हद तक असंगठित है, जिससे ग्राहक अधिग्रहण और रेगुलेटरी कंप्लायंस में चुनौतियां आती हैं। Square Yards को Info Edge के 99acres और MagicBricks जैसे स्थापित खिलाड़ियों के साथ-साथ कई छोटी स्टार्टअप कंपनियों से भी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखते हुए अपने विभिन्न बिजनेस लाइनों को बढ़ाने की लागतों का प्रबंधन कैसे करती है। विस्तार योजनाओं को लाभ मार्जिन पर अनावश्यक दबाव डाले बिना लागू करने की कंपनी की क्षमता संभावित पब्लिक मार्केट निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र होगी।
आगे क्या?
निवेशक और बाजार विश्लेषक संभवतः रेगुलेटर के पास कंपनी की औपचारिक IPO फाइलिंग का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, रिपोर्टों से पता चलता है कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में $50-60 मिलियन (लगभग ₹400-500 करोड़) और जुटा सकती है, जो पब्लिक लिस्टिंग से पहले इसके वैल्यूएशन की दिशा का एक और संकेतक होगा। मैनेजमेंट की कैपिटल एलोकेशन पर टिप्पणी और ग्राहक अधिग्रहण लागत को नियंत्रण में रखने की उनकी क्षमता पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कंपनी एक पब्लिकली ट्रेडेड एंटिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
