सोभा लिमिटेड के शेयर बीएसई (BSE) पर 3.9% गिरकर ₹1,466.10 के इंट्रा-डे निचले स्तर पर आ गए। यह गिरावट तीसरी तिमाही (FY26) के वित्तीय नतीजों के बाद आई। कंपनी ने ₹15.4 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹21.7 करोड़ से 29% कम है। परिचालन से राजस्व भी 21.7% घटकर ₹983.1 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1,256.9 करोड़ था। ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (EBITDA) से पहले की कमाई ₹78.5 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष के ₹100 करोड़ से कम है। EBITDA मार्जिन 8% पर सपाट रहा। प्रबंधन ने कहा कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OCs) प्राप्त करने में प्रक्रियात्मक देरी के कारण तिमाही लाभप्रदता कम हुई, हालांकि कंपनी भविष्य में कंप्लीशन को तेज करके लाभ में सुधार का भरोसा जताया। सोभा ने अपने मजबूत बैलेंस शीट का भी उल्लेख किया, जिसमें ₹910 करोड़ का सकल ऋण (gross debt) और नकारात्मक शुद्ध ऋण (negative net debt) है, जिससे वह बाजार के अवसरों का लाभ उठाने की स्थिति में है।
सोभा के शेयर Q3 नतीजों के बाद 4% गिरे, पर लॉन्ग-टर्म के लिए विश्लेषकों का 'बाय' (Buy) पर जोर
REAL-ESTATE
Overview
रियल एस्टेट डेवलपर सोभा के दिसंबर तिमाही के नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू में सालाना गिरावट के बाद शेयर करीब 4% लुढ़क गए। नेट प्रॉफिट 29% घटकर ₹15.4 करोड़ और रेवेन्यू 21.7% घटकर ₹983.1 करोड़ रहा। तिमाही की इस गिरावट के बावजूद, जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) और मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) जैसे ब्रोकरेज 'बाय' रेटिंग पर कायम हैं, मजबूत प्री-सेल्स मोमेंटम और विशाल लैंड बैंक को देखते हुए लंबी अवधि में वृद्धि की उम्मीद जता रहे हैं।
Disclaimer:This content
is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or
trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a
SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance
does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some
content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views
expressed do not reflect the publication’s editorial stance.