बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी Sobha Limited ने Q2 FY27 में **₹2,206 करोड़** की सेल्स दर्ज की है। सालाना आधार पर यह **16%** की बढ़त है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले सेल्स में **40%** की गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।
बेंगलुरु स्थित रियल एस्टेट डेवलपर Sobha Limited ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के अपने नतीजे जारी किए हैं। सालाना आधार पर कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा है, लेकिन तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर सेल्स में 40% की बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
छह महीनों का दमदार रिपोर्ट कार्ड
अगर हम चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले छह महीनों पर नजर डालें, तो कंपनी की स्थिति मजबूत दिखती है। Sobha ने पहली छमाही में ₹5,862 करोड़ का रिकॉर्ड सेल्स वैल्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 47.2% का बड़ा उछाल है।
प्राइसिंग और वॉल्यूम का गणित
दूसरी तिमाही में कुल 1.42 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया बेचा गया, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 39.3% कम है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी ने प्राइस रियलाइजेशन को बरकरार रखा है। पहली छमाही में औसत कीमत ₹15,604 प्रति स्क्वायर फीट रही, जो पिछले स्तरों से अधिक है। साफ है कि कम यूनिट्स बिकने के बावजूद कंपनी अपनी इन्वेंट्री को ऊंचे दामों पर निकालने में कामयाब रही है।
बाजार का रुख और चुनौतियां
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बेंगलुरु जैसे प्रमुख बाजारों में नए इन्वेंट्री दबाव के कारण निवेशक सतर्क हैं। इसके अलावा, कंपनी को टैक्स डिमांड और NCR रीजन में जमीन के टुकड़ों के अस्थायी अटैचमेंट जैसे रेगुलेटरी विवादों का भी सामना करना पड़ रहा है।
इन तमाम अनिश्चितताओं के बीच, Sobha के शेयरों पर दबाव साफ दिख रहा है। कैलेंडर ईयर की शुरुआत से अब तक शेयर में 17% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है और यह हाल ही में ₹1,213 के स्तर पर बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर कंपनी के प्रोजेक्ट लॉन्च पाइपलाइन और 17% से 20% के प्रॉफिट मार्जिन टारगेट को पूरा करने की क्षमता पर टिकी है।
