रियल एस्टेट डेवलपर Sobha Limited ने नए वित्त वर्ष की शानदार शुरुआत की है। कंपनी की पहली तिमाही (Q1FY27) में बुकिंग वैल्यू **41%** बढ़कर **₹3,660 करोड़** हो गई है, जो बाजार की उम्मीदों से काफी बेहतर है। यह तेजी खासकर बेंगलुरु और गुरुग्राम में लॉन्च किए गए नए लग्जरी प्रोजेक्ट्स की वजह से आई है।
लग्जरी प्रोजेक्ट्स की धूम, बुकिंग में रिकॉर्ड तोड़
रियल एस्टेट की दुनिया में Sobha Limited ने नए फाइनेंशियल ईयर (FY27) की धमाकेदार शुरुआत की है। कंपनी ने पहली तिमाही में ₹3,660 करोड़ की बुकिंग वैल्यू दर्ज की है, जो पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 41% ज्यादा है। यह आंकड़ा बाजार के ₹2,600 करोड़ के अनुमानों को कहीं पीछे छोड़ देता है। इस दौरान, Sobha ने 1,432 घर और प्लॉट बेचे, जिनका कुल एरिया 2.3 मिलियन स्क्वायर फीट रहा। कंपनी के प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की डिमांड इतनी तगड़ी रही कि प्रति स्क्वायर फीट औसत कीमत ₹15,655 तक पहुंच गई।
नए प्रोजेक्ट्स से सेल्स में आया तूफान
इस शानदार ग्रोथ के पीछे तीन नए लग्जरी प्रोजेक्ट्स का हाथ है, जिन्हें बेंगलुरु और गुरुग्राम में लॉन्च किया गया। इन प्रोजेक्ट्स ने कुल 6.9 मिलियन स्क्वायर फीट की बिक्री योग्य जगह (Saleable Area) जोड़ी है। गुरुग्राम के सेक्टर 63A में 'Sobha Crescent' नाम का 12 एकड़ का प्रोजेक्ट उतारा गया है, जिसकी पहले फेज से ही ₹2,200 करोड़ की बिक्री की उम्मीद है। वहीं, बेंगलुरु के होस्कोटे में 'Sobha OneWorld' ( 47.4 एकड़ ) जैसे बड़े डेवलपमेंट ने ₹7,500 करोड़ से ज्यादा की कुल बिक्री क्षमता के साथ तगड़ी दिलचस्पी पैदा की है। इसके अलावा, चिक्का तिरुपति में 'Sacred Grove by the Lake' नाम से प्लॉटेड डेवलपमेंट भी लॉन्च किया गया है, जिसने कंपनी के रेवेन्यू सोर्स को और बढ़ाया है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बड़े शहरों पर फोकस
सिर्फ बिक्री ही नहीं, Sobha ने प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर भी जोर दिया। तिमाही के दौरान आठ प्रोजेक्ट्स में 1.1 मिलियन स्क्वायर फीट का काम पूरा किया गया। यह कंपनी के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि उसके पास अभी बड़ी मात्रा में अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स हैं। भौगोलिक रूप से देखें तो बेंगलुरु कंपनी का गढ़ बना हुआ है, जहां से ₹2,067 करोड़ (कुल बिक्री का 56.5%) की बिक्री आई। इसके बाद नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) का नंबर आता है, जहां से ₹1,384 करोड़ की कमाई हुई।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
हालांकि बुकिंग में यह ग्रोथ निवेशकों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन कंपनी के कर्ज (Debt) और कैपिटल स्पेंडिंग पर नजर रखना जरूरी है। रियल एस्टेट डेवलपमेंट में भारी निवेश लगता है, और 'Sobha OneWorld' जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन और कंस्ट्रक्शन में काफी पैसा लगाना पड़ता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी इन ऊंची बिक्री को बनाए रखकर कैश फ्लो को सपोर्ट कर पाती है और अपने कर्ज को प्रभावी ढंग से मैनेज कर पाती है। रियल एस्टेट सेक्टर ब्याज दरों और डिमांड में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होता है। इसलिए, इन नए प्रोजेक्ट्स से कलेक्शन की रफ्तार और कंस्ट्रक्शन की एक्चुअल स्पीड पर नजर रखना कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को समझने के लिए अगला अहम कदम होगा।
