स्मार्टवर्क्स काउर्किंग स्पेसेस (Smartworks Coworking Spaces) सिंगापुर की वर्कस्टूडियो स्पेसेस (Workstudio Spaces) को खरीदने जा रही है। इस डील से कंपनी के पोर्टफोलियो में चार नए सेंटर और **1,500** सीटें जुड़ जाएंगी। यह अधिग्रहण जुलाई **2026** तक पूरा हो जाएगा और इसके साथ ही कंपनी का मुनाफा भी बढ़ रहा है।
क्या हुआ है?
स्मार्टवर्क्स काउर्किंग स्पेसेस लिमिटेड ने सिंगापुर की फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस प्रोवाइडर, वर्कस्टूडियो स्पेसेस पीटीई लिमिटेड (Workstudio Spaces Pte. Ltd.) को खरीदने का ऐलान किया है। यह डील पूरी तरह से सब्सिडियरी, स्मार्टवर्क्स स्पेस पीटीई लिमिटेड (Smartworks Space Pte. Ltd.) के जरिए होगी और इसके जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह अधिग्रहण कंपनी की इंटरनेशनल मार्केट में मौजूदगी बढ़ाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। डील पूरी होने के बाद, सिंगापुर में कंपनी के ऑपरेशंस चार सेंटर्स तक फैल जाएंगे, जिसमें 1,500 से ज्यादा सीटें और कुल 76,000 वर्ग फुट का स्पेस शामिल होगा।
सिंगापुर पर फोकस
स्मार्टवर्क्स के लिए यह सिर्फ जगह बढ़ाने की बात नहीं है, बल्कि सिंगापुर के हाई-डिमांड वाले इलाकों में अपनी पैठ मजबूत करने का मौका है। कंपनी पहले से ही सिंगापुर में विस्तार कर रही है, जिसमें हाल ही में सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में मैनलाइफ टावर (Manulife Tower) में 15,000 वर्ग फुट का स्पेस जोड़ा गया है। कंपनी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर नीतेश सर्रा (Neetish Sarda) का कहना है कि सिंगापुर में उनके मौजूदा सेंटर्स पिछले दो सालों से मुनाफे में हैं। वर्कस्टूडियो को शामिल करने से कंपनी अपने क्लाइंट बेस को डाइवर्सिफाई करना चाहती है और ऐसे एंटरप्राइज कस्टमर्स को टारगेट करना चाहती है जिन्हें बड़े बिजनेस हब में फ्लेक्सिबल ऑफिस सॉल्यूशंस की जरूरत है।
वित्तीय मोर्चे पर बड़ी कामयाबी
स्मार्टवर्क्स ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में अपनी वित्तीय स्थिति में शानदार सुधार दिखाया है। फाइनेंशियल ईयर 26 में, कंपनी ने ₹1,796 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 31% ज्यादा है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने टैक्स के बाद अपना पहला फुल-ईयर प्रॉफिट ₹11 करोड़ कमाया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर में दर्ज ₹63 करोड़ के घाटे से एक बड़ा सुधार है, जो बताता है कि बिजनेस मॉडल अब स्केल और एफिशिएंसी हासिल कर रहा है।
मजबूत बैलेंस शीट और विस्तार की ताकत
जुलाई 2025 में आईपीओ (IPO) लाने के बाद से, स्मार्टवर्क्स ने अपने कर्ज को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी ने पब्लिक लिस्टिंग के बाद अपने ग्रॉस डेट (Gross Debt) को 50% से ज्यादा कम कर दिया है। मार्च 2026 तक, कंपनी नेट-डेट निगेटिव (Net-debt negative) पोजीशन में थी, जिसका मतलब है कि उसके कैश रिजर्व उसके कुल कर्ज से ज्यादा हैं। यह वित्तीय स्थिरता कंपनी को नई उधारी पर ज्यादा निर्भर हुए बिना, इस अधिग्रहण जैसे विस्तार की योजनाओं को फंड करने की ताकत देती है।
निवेशकों के लिए खास बातें
यह विस्तार ग्रोथ को दर्शाता है, लेकिन निवेशकों को अब कंपनी के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी होगी। नए वर्कस्पेस प्रोवाइडर को मौजूदा ऑपरेशंस में सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करने के लिए सर्विस क्वालिटी मैनेज करना और सिंगापुर के सभी चार सेंटर्स में हाई ऑक्यूपेंसी रेट बनाए रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, रियल एस्टेट मार्केट में कॉम्पिटिशन को देखते हुए, निवेशकों को यह मॉनिटर करना होगा कि क्या कंपनी इस नए अधिग्रहण के खर्चों को झेलते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है। एंटरप्राइज क्लाइंट्स को रिटेन करना और सिंगापुर मार्केट की हाई ऑपरेटिंग कॉस्ट्स को मैनेज करना कंपनी मैनेजमेंट के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।
