Smartworks Coworking Spaces अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए इस फाइनेंशियल ईयर में **₹600 करोड़** तक का निवेश करने जा रही है। हाल ही में प्रॉफिटेबल बनी यह कंपनी बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स की बढ़ती मांग पर बड़ा दांव लगा रही है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के हाई वैल्यूएशन और रिस्क को भी समझना होगा।
भारी निवेश की तैयारी
Smartworks Coworking Spaces ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए बड़े विस्तार का ऐलान किया है। कंपनी ₹550 करोड़ से ₹600 करोड़ के बीच कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) खर्च करेगी। इस फंड का इस्तेमाल नए मैनेज्ड ऑफिस पोर्टफोलियो बनाने और मौजूदा सेंटर्स को रिनोवेट करने के लिए किया जाएगा। फिलहाल कंपनी भारत और सिंगापुर के 70 लोकेशंस पर 16.9 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस संभाल रही है।
मुनाफे की राह और रेवेन्यू
कंपनी के हालिया नतीजों में सुधार देखने को मिला है। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹13.14 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले एक बड़ी रिकवरी है। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम ₹546.25 करोड़ रही। कंपनी का लगभग ₹5,400 करोड़ का रेवेन्यू लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट्स से आता है, जो भविष्य की कमाई के लिए विजिबिलिटी देता है।
बिजनेस मॉडल का रिस्क
कंपनी का 92% रेवेन्यू सिर्फ एंटरप्राइज क्लाइंट्स से आता है। हालांकि यह रेवेन्यू में स्थिरता लाता है, लेकिन अगर बड़ी कंपनियों ने ऑफिस स्पेस कम करने का फैसला किया, तो इसका सीधा असर Smartworks पर पड़ेगा।
वैल्यूएशन पर सवाल
निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि स्टॉक का P/E रेशियो 221 के काफी ऊंचे स्तर पर है। इसके साथ ही, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और इंटरेस्ट कवरेज रेशियो फिलहाल कम बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपने नए कैपेसिटी से कितना हाई-मार्जिन मुनाफा निकाल पाती है।
