Smartworks और L&T Tech की पुणे में ₹55 करोड़ की डील, 1,100 डेस्क लीज पर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Smartworks और L&T Tech की पुणे में ₹55 करोड़ की डील, 1,100 डेस्क लीज पर

Smartworks ने L&T Technology Services के साथ पुणे में 1,100 से ज़्यादा डेस्क के लिए 5 साल का एक बड़ा एग्रीमेंट साइन किया है। इस डील से कंपनी को ₹55 करोड़ का रेवेन्यू मिलेगा और दोनों के बीच कुल सीटों की संख्या बढ़कर 2,750 हो गई है। यह कदम बड़ी कंपनियों के बीच फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

एंटरप्राइज पार्टनरशिप में बड़ा विस्तार

Smartworks Coworking Spaces Ltd और L&T Technology Services के बीच पुणे में 1,100 से अधिक डेस्क लीज करने का यह नया समझौता हुआ है। यह 5 साल की डील कंपनी के लिए ₹55 करोड़ के रेंटल इनकम का जरिया बनेगी और दोनों कंपनियों के बीच कारोबारी रिश्ते को और मजबूत करेगी।

यह नई लीज इस बढ़ते चलन का हिस्सा है, जहाँ बड़ी कंपनियाँ पारंपरिक लॉन्ग-टर्म लीजिंग के बजाय मैनेज्ड ऑफिस प्रोवाइडर्स का रुख कर रही हैं। इस नए एग्रीमेंट के साथ, L&T Technology Services अब Smartworks द्वारा विभिन्न लोकेशन्स पर उपलब्ध 2,750 से अधिक सीटों का इस्तेमाल कर रही है। Smartworks के लिए, बड़े क्लाइंट्स को सुरक्षित करना उसके रेवेन्यू मॉडल का एक अहम हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि 1,000 से अधिक सीटों की लीज लेने वाले एंटरप्राइज क्लाइंट्स वर्तमान में उसके कुल रेंटल रेवेन्यू का लगभग 37% हिस्सा हैं, जो इन हाई-वॉल्यूम डील्स को वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं।

ऑपरेशंस और मार्केट फोकस

31 मार्च 2026 तक, Smartworks भारत और सिंगापुर सहित 15 शहरों में 66 सेंटर्स पर 16.1 मिलियन स्क्वायर फीट का पोर्टफोलियो मैनेज कर रहा है। कंपनी एक ऐसे मॉडल पर काम करती है जहाँ वह डेवलपर्स से स्पेस लीज करती है और फिर उसे मैनेज्ड कैंपस में बदल देती है। इस तरीके से बड़ी कॉर्पोरेशन्स की खास इंफ्रास्ट्रक्चर और सिक्योरिटी जरूरतों को पूरा किया जाता है, जिन्हें अक्सर पारंपरिक ऑफिस बिल्डिंग्स की तुलना में तेज़ी से डिप्लॉयमेंट की आवश्यकता होती है।

हालांकि फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ी है, इस बिजनेस मॉडल के लिए स्टैंडर्ड बनाए रखने हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी में महत्वपूर्ण लगातार निवेश की आवश्यकता होती है। चूंकि कंपनी प्रॉपर्टीज को लीज पर लेकर फिर से सब-लीज करने पर निर्भर करती है, इसलिए उसके प्रॉफिट मार्जिन डेवलपर्स से रेंटल कॉस्ट और क्लाइंट्स के ऑक्यूपेंसी रेट्स दोनों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं। निवेशक आमतौर पर इस बात पर नज़र रखते हैं कि कंपनी विभिन्न शहरों में अपने फुटप्रिंट का विस्तार करते हुए इन लागतों का कितनी प्रभावी ढंग से प्रबंधन करती है।

आगे बढ़ते हुए, निवेशकों के लिए मुख्य मॉनिटर करने योग्य बात इन नए सेंटर्स पर ऑक्यूपेंसी रेट्स और कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी के समय बड़े एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट्स को रिन्यू करने की कंपनी की क्षमता होगी। इस रणनीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की ओर यह बदलाव बड़ी आईटी और इंजीनियरिंग फर्मों के बीच गति पकड़ना जारी रखता है, जिन्हें स्केलेबल, शॉर्ट-टू-मीडियम-टर्म रियल एस्टेट सॉल्यूशंस की आवश्यकता होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.