Managed workspace प्रोवाइडर Smartworks ने अगले **60 महीनों** के लिए **₹305 करोड़** के नए लीजिंग एग्रीमेंट्स साइन किए हैं। जून 2026 तक कंपनी की कॉन्ट्रैक्टेड रेवेन्यू बेस **₹5,400 करोड़** तक पहुंच गई है, हालांकि बड़े कॉरपोरेट क्लाइंट्स पर निर्भरता निवेशकों के लिए एक रिस्क फैक्टर है।
तेजी से बढ़ता कारोबार
Smartworks Coworking Spaces Limited ने अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए ₹305 करोड़ का नया इंक्रीमेंटल कॉन्ट्रैक्टेड रेंटल रेवेन्यू हासिल किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट 60 महीनों की अवधि के लिए है। इससे पहले भी कंपनी ने मौजूदा क्लाइंट्स के साथ विस्तार कर ₹235 करोड़ जोड़े थे, जिससे हालिया कुल रेवेन्यू एडिशन ₹540 करोड़ हो गया है।
कंपनी के पास वर्तमान में 16.9 मिलियन स्क्वायर फीट का पोर्टफोलियो है, जो भारत और सिंगापुर के 15 शहरों में 70 फैसिलिटीज में फैला हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस (Financial Performance)
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 44% की साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹546 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसमें नेट प्रॉफिट ₹13 करोड़ रहा। कंपनी के 760 से अधिक क्लाइंट्स हैं, जिनमें बड़ी ऑर्गेनाइजेशन का योगदान कुल रेवेन्यू में 92% है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
ग्रोथ अच्छी है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी की बड़ी कमाई बड़े कॉरपोरेट क्लाइंट्स पर टिकी है। अगर टेक या ग्लोबल कस्टमर एक्सपीरियंस सेक्टर में कोई मंदी आती है, तो ये कंपनियां अपने ऑफिस स्पेस को कम कर सकती हैं, जो ऑक्यूपेंसी लेवल को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, बड़े प्रोजेक्ट्स को सही समय पर डिलीवर करने का दबाव और कैश फ्लो मैनेजमेंट पर नजर रखना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है।
