Shapoorji Pallonji Real Estate ने अपनी लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। कंपनी **3,000 एकड़** जमीन को प्लॉटेड डेवलपमेंट में बदलकर **₹10,000 करोड़** का फंड जुटाने की योजना बना रही है।
जमीन से होगी मोटी कमाई
Shapoorji Pallonji Real Estate ने महाराष्ट्र में अपने लैंड बैंक का इस्तेमाल करते हुए अगले 3 से 4 साल में ₹10,000 करोड़ की कमाई का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब हाई-राइज कंस्ट्रक्शन के बजाय प्लॉटेड डेवलपमेंट पर फोकस कर रही है, ताकि तेजी से कैश फ्लो जनरेट हो सके।
इस योजना का सबसे अहम हिस्सा खोपोली में बन रही 900 एकड़ की टाउनशिप है, जिसकी अनुमानित वैल्यू ₹6,000 करोड़ से ज्यादा है। कंपनी यहां पहले ही ₹1,500 करोड़ का निवेश कर चुकी है। पुणे के पास एक सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद कंपनी अब इस मॉडल को बड़े स्तर पर लागू कर रही है।
कर्ज कम करने की चुनौती
यह कदम Shapoorji Pallonji Group के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि समूह पर अभी ₹55,000 करोड़ से अधिक का कर्ज है। चूंकि रियल एस्टेट बिजनेस अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, इसलिए कंपनी का पूरा ध्यान एसेट मोनेटाइजेशन और प्राइवेट क्रेडिट के जरिए देनदारियों को कम करने पर है।
ग्रुप के बाकी लिस्टेड कारोबार जैसे Afcons Infrastructure और Sterling and Wilson Renewable Energy के प्रदर्शन को निवेशक ग्रुप की ओवरऑल हेल्थ और स्टेबिलिटी का पैमाना मानते हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी कितनी तेजी से खोपोली जैसे प्रोजेक्ट्स को पूरा कर अपना कर्ज कम कर पाती है।
