Sattva Group इन परियोजनाओं के ज़रिए 2,500 से ज़्यादा Rehabilitation घरों के साथ-साथ 2,000 से ज़्यादा नए Residential Units भी बनाएगा। मुंबई में पुराने हो चुके इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने की बढ़ती ज़रूरत इस बड़े कदम के पीछे की मुख्य वजह है। इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी के लिहाज़ से 16,000 से ज़्यादा इमारतों को फिर से बनाने की ज़रूरत है।
DCPR 2034 जैसे रेगुलेटरी सुधारों से इन प्रोजेक्ट्स की वायबिलिटी (viability) बढ़ने की उम्मीद है, जिससे Sattva जैसे मजबूत Financial Developers को आकर्षित किया जा रहा है।
मार्केट की चाल और Sattva की स्ट्रेटेजी
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुंबई में ज़मीन की कमी और प्रॉपर्टी की लगातार डिमांड के चलते Redevelopment प्रोजेक्ट्स काफी पॉपुलर हो रहे हैं। बड़े Developers अब शहरों के मुख्य इलाकों में अपनी Long-term Portfolio बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। Sattva Group ने इन प्रोजेक्ट्स को फाइनल करने से पहले रेगुलेटरी क्लैरिटी, इंजीनियरिंग फिजिबिलिटी और एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी जैसे कई पैरामीटर्स पर बारीकी से रिसर्च की है। कंपनी ने पिछले 1 साल से मुंबई के मार्केट की गहरी समझ हासिल करने के लिए अपनी स्ट्रेटेजी पर काम किया है।
डेवलपर का विज़न और ट्रैक रिकॉर्ड
Sattva Group के मैनेजिंग डायरेक्टर, Bijay Agarwal ने कहा, 'मुंबई अर्बन रिन्यूअल के एक अहम दौर में प्रवेश कर रहा है।' उन्होंने कंपनी के 30 साल के अनुभव में क्लैरिटी, डिसिप्लिन और लॉन्ग-टर्म एंगेजमेंट जैसी वैल्यूज को हाईलाइट किया। Sattva Group का रियल एस्टेट में एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, जिसने देश भर में करीब 78 मिलियन वर्ग फुट एरिया में प्रोजेक्ट्स डिलीवर किए हैं और फिलहाल 71 मिलियन वर्ग फुट एरिया में काम चल रहा है। कंपनी Blackstone के साथ मिलकर भारत के सबसे बड़े Commercial Real Estate Investment Trust (REIT), Knowledge Realty Trust (KRT) की को-स्पॉन्सर भी है।
एग्जीक्यूशन का तरीका
इन प्रोजेक्ट्स में ज़्यादातर Rehabilitation-led Redevelopment मॉडल अपनाया जाएगा। Sattva मौजूदा रेसिडेंट्स को बेहतर सेफ्टी सिस्टम और मॉडर्न एमिनिटीज़ के साथ अपग्रेडेड घर देगा। स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट टीम्स ट्रांज़िशन प्रोसेस और एग्जीक्यूशन टाइमलाइन को मैनेज करेंगी, ताकि इन कॉम्प्लेक्स अर्बन रिन्यूअल पहलों में सभी पार्टियों के लिए एक स्मूथ ट्रांज़िशन सुनिश्चित हो सके।