SREI Equipment Finance ने Nirmal Lifestyle (Mulund) के रेजोल्यूशन प्लान के खिलाफ अपनी NCLAT याचिका वापस ले ली है। यह फैसला तब आया जब यह स्पष्ट हुआ कि SREI के पास मॉर्गेज (Mortgage) रखी एक प्रॉपर्टी को स्वीकृत प्लान से बाहर रखा गया है। Mantra Properties द्वारा प्रस्तावित रेजोल्यूशन प्लान में ₹1,491 करोड़ के स्वीकृत कर्ज के मुकाबले सिर्फ ₹215 करोड़ की पेशकश की गई है, जो रियल एस्टेट इंसॉल्वेंसी (Insolvency) मामलों में लेनदारों को होने वाले भारी नुकसान को दर्शाता है।
क्या हुआ?
SREI Equipment Finance ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में Nirmal Lifestyle (Mulund) Pvt Ltd के रेजोल्यूशन प्लान को चुनौती देने वाली अपनी अपील वापस ले ली है। इससे पहले, कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच द्वारा मंजूर किए गए इस प्लान का विरोध किया था। कानूनी विवाद तब समाप्त हुआ जब Mantra Properties and Developers Pvt Ltd, जो इस संकटग्रस्त असेट (Asset) को खरीदने वाली सफल कंपनी है, ने स्पष्ट किया कि SREI के पास मॉर्गेज (Mortgage) रखी एक खास प्रॉपर्टी इस रेजोल्यूशन प्लान का हिस्सा नहीं है।
विवाद और स्पष्टीकरण
यह पूरा मामला Nirmal Olympia II नामक प्रॉपर्टी को लेकर था। SREI Equipment Finance, जिसके पास इस प्रॉपर्टी पर ₹168.4 करोड़ के लोन के बदले मॉर्गेज था, का तर्क था कि उसकी सहमति के बिना इस असेट को रेजोल्यूशन प्लान में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। याचिका वापस लेने का मतलब है कि SREI को यह आश्वासन मिला है कि उसकी मॉर्गेज की हुई प्रॉपर्टी खरीद के दायरे से बाहर है। इस फैसले से नए खरीदार के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का एक कानूनी अवरोध दूर हो गया है।
लेनदारों के लिए वित्तीय हकीकत
हालांकि कानूनी विवाद सुलझ गया है, यह मामला रियल एस्टेट इंसॉल्वेंसी (Insolvency) में वित्तीय लेनदारों (Financial Creditors) के लिए असलियत का एक बड़ा उदाहरण है। मंजूर किए गए रेजोल्यूशन प्लान में कंपनी का मूल्यांकन ₹215 करोड़ किया गया है, जबकि कंपनी पर कुल ₹1,491 करोड़ का कर्ज है। इसका मतलब है कि वित्तीय लेनदारों को एक बहुत बड़ा 'हेयरकट' (Haircut) झेलना पड़ रहा है, यानी कर्ज की वह राशि जिसे वे वसूल नहीं कर पाएंगे। इस मामले में, लेनदार मूल लोन राशि का एक बड़ा हिस्सा बट्टे खाते में डालने को मजबूर हैं।
इंसॉल्वेंसी का संदर्भ
Nirmal Lifestyle (Mulund) जुलाई 2023 में Beacon Trusteeship Ltd के आवेदन के बाद कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में दाखिल हुआ था। लेनदारों की सूची में कई बड़ी वित्तीय संस्थाएं शामिल हैं जो इस पतन से प्रभावित हुई हैं। SREI Equipment Finance के अलावा, अन्य प्रमुख सुरक्षित वित्तीय लेनदारों में Beacon Trusteeship (₹902 करोड़ का कर्ज) और Assets Care and Reconstruction Enterprise Ltd (₹589 करोड़ का कर्ज) शामिल हैं। रेजोल्यूशन प्रक्रिया में Mantra Properties के प्लान को स्वीकार किए जाने से पहले Vasavi Realty Pvt Ltd और कंपनी के पूर्व प्रमोटर, Dharmesh Sardarmal Jain के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम (Consortium) सहित कई खरीदारों की दिलचस्पी थी।
आगे क्या देखना है?
Mantra Properties द्वारा रेजोल्यूशन प्लान का कार्यान्वयन (Execution) अब देखने वाली मुख्य बात होगी। संकटग्रस्त ऋण (Distressed Debt) क्षेत्र के निवेशक और हितधारक अक्सर यह ट्रैक करते हैं कि सफल बोली लगाने वाला कितनी जल्दी फंड ट्रांसफर करता है और असेट्स पर नियंत्रण लेता है, ताकि मूल्य में और कमी को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सुरक्षित लेनदारों के बीच ₹215 करोड़ के अंतिम वितरण (Distribution) अगले प्रमुख मील के पत्थर होंगे, क्योंकि यह इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक ऋणदाता के लिए वसूली की सटीक राशि की पुष्टि करेगा।
