नतीजों ने दिखाई चाल
बाजार में रियल एस्टेट (Realty) सेक्टर में एक बार फिर निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है। मंगलवार को Nifty Realty Index 3% चढ़ गया, जिसकी मुख्य वजह Oberoi Realty और Godrej Properties जैसी दिग्गज कंपनियों के मजबूत नतीजे रहे।
Oberoi Realty ने Q4 FY26 में अपने प्री-सेल्स (Presales) में पिछले साल के मुकाबले 96% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की। यह आंकड़ा ₹1,673 करोड़ रहा, जबकि पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए यह ₹5,447 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, Godrej Properties ने भी अपनी FY26 बुकिंग का लक्ष्य पार करते हुए ₹34,171 करोड़ की रिकॉर्ड बुकिंग हासिल की। इन शानदार आंकड़ों के दम पर Nifty Realty Index दिन के कारोबार में 3% तक चढ़ा और 786.90 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जिसमें 1.1 करोड़ से ज्यादा शेयरों का वॉल्यूम (Volume) देखा गया। व्यक्तिगत शेयरों में, Sobha, Godrej Properties और Oberoi Realty जैसे नाम 3% से 4% तक ऊपर चढ़े। यह शेयर अपने मार्च 2026 के निचले स्तर से करीब 37% तक सुधर चुके हैं।
ब्रोकरेज की नजर और सेक्टर के रिस्क
हालिया तेजी के बावजूद, Nifty Realty Index इस कैलेंडर ईयर (CY26) में अब तक 8% नीचे है, जो सेक्टर की रिकवरी की कहानी बयां करता है। कंपनियों के वैल्यूएशन्स (Valuations) में भी काफी अंतर है। Sobha और Godrej Properties, Oberoi Realty और Lodha Developers की तुलना में ज्यादा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Godrej Properties के लिए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,420 का टारगेट प्राइस दिया है, जो ₹1,35,000 करोड़ के मजबूत डेवलपमेंट पाइपलाइन (Development Pipeline) पर आधारित है।
लेकिन, इस चमक के पीछे कुछ छुपे हुए जोखिम भी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेक्टर में अभी भी एग्जीक्यूशन हर्डल्स (Execution Hurdles) यानी काम पूरा करने में चुनौतियां बनी हुई हैं। वहीं, स्टील और सीमेंट जैसे निर्माण सामग्री की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे डेवलपर्स का मार्जिन (Margin) 200-300 बेसिस पॉइंट्स (Basis Points) तक कम हो सकता है, और भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) बढ़ने पर यह 500 बेसिस पॉइंट्स तक भी जा सकता है। खासकर Sobha और Brigade Enterprises जैसी कंपनियों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है।
बढ़ती ब्याज दरें (Interest Rates) खरीदारों के लिए लोन महंगा कर रही हैं, जिससे रियल एस्टेट की मांग पर भी असर पड़ सकता है। Kotak Institutional Equities का मानना है कि हालिया 15-30% की स्टॉक करेक्शन (Stock Correction) शायद थोड़ी ज्यादा थी, लेकिन एग्जीक्यूशन चुनौतियां, लेबर की कमी और सप्लाई चेन की दिक्कतें अभी भी बनी हुई हैं।
ऐतिहासिक रूप से, रियल एस्टेट सेक्टर काफी वोलेटाइल (Volatile) रहा है। 2006-2016 के बीच इसमें 86% की बड़ी गिरावट आई थी, जिसके बाद 2016-2025 तक यह 600% बढ़ा। वहीं, 2025 की शुरुआत में ही यह सेक्टर 20% तक गिर चुका था। Oberoi Realty 29% और Godrej Properties व Sobha 26% तक गिरे थे।
भविष्य को देखते हुए, ICICI Securities को Oberoi Realty के FY27 में लॉन्च होने वाले प्रोजेक्ट्स से ग्रोथ की उम्मीद है। Jefferies का अनुमान है कि Godrej Properties का रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) FY28 तक बढ़कर 20% हो सकता है। Axis Securities और Kotak Securities ने Oberoi Realty के लिए 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि Motilal Oswal इसे 'Neutral' मानते हैं। सेक्टर का भविष्य लागत दबाव (Cost Pressures) और एग्जीक्यूशन चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ खरीदारों की मांग और अनुकूल मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) हालातों पर निर्भर करेगा।
