SWAMIH Fund की मदद से निर्माण कार्य शुरू
ग्रेटर नोएडा के लगभग 400 खरीदारों के लिए यह खबर राहत भरी है। रियल एस्टेट एसेट रेजोल्यूशन फर्म ReaRCo Private Limited ने KV Developers के रुके हुए प्रोजेक्ट को अपने हाथ में लिया है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कंपनी ने सरकार समर्थित SWAMIH Fund से ₹195 करोड़ की बड़ी फंडिंग हासिल की है। इस पैसे से अब 646 यूनिट्स का कंस्ट्रक्शन (Construction) पांच टावरों में तेज़ी से चल रहा है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक खरीदारों को उनके घर मिल जाएंगे।
फंसे पैसे और खरीदारों को रिफंड (Refund) का निपटारा
यह प्रोजेक्ट असल में 2012 और 2013 के बीच लॉन्च हुआ था, लेकिन लगातार देरी के कारण 2019 में यह इन्सॉल्वेंसी (Insolvency) की प्रक्रिया में चला गया था। ReaRCo की स्वीकृत योजना के तहत, अब वित्तीय संस्थानों (Financial Institutions) के ₹35 करोड़ और डेवलपमेंट अथॉरिटी (Development Authority) के ₹60 करोड़ जैसे बड़े बकाए चुकाए जा रहे हैं। साथ ही, जिन 40 खरीदारों ने प्रोजेक्ट से बाहर निकलने का फैसला किया था, उन्हें कुल ₹10 करोड़ का रिफंड (Refund) भी दिया जा चुका है।
ReaRCo की ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Growth Strategy)
पांचों टावरों में कंस्ट्रक्शन (Construction) 90% से ज़्यादा पूरा हो चुका है और SWAMIH फंड का करीब 74% पैसा इस्तेमाल भी हो चुका है। अभी भी करीब 15% यूनिट्स बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। ReaRCo की योजना दो और टावरों को विकसित करने की भी है। पूरे प्रोजेक्ट का अनुमानित कंस्ट्रक्शन (Construction) कॉस्ट ₹250 करोड़ है, जबकि इससे ₹500 करोड़ के रेवेन्यू (Revenue) की उम्मीद है। कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रही इन्सॉल्वेंसी (Insolvency) वाली ऐसी और भी अटकी हुई प्रोजेक्ट्स को अधिग्रहित करने की इच्छा जताई है।
