Raymond Realty Shares: ₹4,500 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स का ऐलान, पर मुनाफा 19% गिरा, शेयर 12% लुढ़का

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Raymond Realty Shares: ₹4,500 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स का ऐलान, पर मुनाफा 19% गिरा, शेयर 12% लुढ़का

Raymond Realty ने मुंबई के माहिम में ₹4,500 करोड़ के दो नए रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की घोषणा की है, जिससे कंपनी का पोर्टफोलियो थANE से आगे बढ़ रहा है। हालाँकि, कंपनी के शेयर **12%** गिर गए क्योंकि **10 अगस्त 2026** को तिमाही नतीजों में **19%** की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण प्रोजेक्ट और मार्केटिंग खर्चों में वृद्धि है।

माहिम में ₹4,500 करोड़ का रियल एस्टेट धमाका

Raymond Group का रियल एस्टेट डिविजन, Raymond Realty, अब मुंबई के माहिम इलाके में ₹4,500 करोड़ की क्षमता वाले दो बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स शुरू करने की तैयारी में है। यह कदम कंपनी की रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में अपने कारोबार को बढ़ाना चाहती है और सिर्फ Thane तक सीमित नहीं रहना चाहती।

नतीजों पर निवेशकों की प्रतिक्रिया

10 अगस्त 2026 को कंपनी के शेयर लगभग 12% तक गिर गए। यह गिरावट जून 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद आई। कंपनी की कुल आय 37% बढ़कर ₹536 करोड़ हो गई और बुकिंग वैल्यू में 129% की उछाल आकर ₹700 करोड़ हो गई। लेकिन, इन सबके बावजूद, नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 19% घटकर ₹13.43 करोड़ रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह बढ़े हुए प्रोजेक्ट खर्चे, मार्केटिंग का ज्यादा खर्च और ब्याज भुगतान थे, क्योंकि डेवलपर नई प्रोजेक्ट्स के लॉन्च को तेजी से आगे बढ़ा रहा था।

एसेट-लाइट मॉडल पर जोर

इस विस्तार को गति देने के लिए, कंपनी अब 'एसेट-लाइट' बिजनेस मॉडल पर ज्यादा निर्भर कर रही है। जमीन खरीदने के बजाय, जिसमें भारी पूंजी लगती है, Raymond Realty मौजूदा हाउसिंग सोसाइटीज और जमीन मालिकों के साथ ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट कर रही है। इस तरीके से, कंपनी मुंबई के प्राइम इलाकों में बड़े पैमाने पर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स कर पा रही है, जहाँ जमीन मिलना बेहद मुश्किल है। फिलहाल, कंपनी के पास कुल ₹52,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स हैं।

निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह

इस ग्रोथ स्ट्रैटेजी में कुछ जोखिम भी हैं। रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स काफी जटिल होते हैं और इन्हें रेगुलेटरी अप्रूवल, किरायेदारों से बातचीत और कंस्ट्रक्शन की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इन देरी से लागत बढ़ सकती है और मुनाफे पर दबाव आ सकता है। फिलहाल, कंपनी पर ₹824 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.7 है। यह एक मैनेजेबल लेवल दिखाता है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के खर्चों और वित्तीय स्थिरता पर नजर रखनी होगी।

शेयरधारकों के लिए आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि माहिम प्रोजेक्ट्स को कितनी जल्दी मंजूरी मिलती है और कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बेहतर बनाती है। बाजार यह देखेगा कि बुकिंग वैल्यू में आई मजबूती जल्द ही बॉटम-लाइन परफॉरमेंस में कैसे बदलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.