रियल एस्टेट डेवलपर RMZ, ₹6,500 करोड़ के अपने प्राइम ऑफिस स्पेस को फैमिली ऑफिस और बड़े निवेशकों को बेचने की योजना बना रहा है। यह कदम बेंगलुरु, पुणे और गुरुग्राम जैसे शहरों में डायरेक्ट ओनरशिप मॉडल की ओर झुकाव दिखाता है, जबकि कंपनी एसेट मैनेजमेंट और लीजिंग की जिम्मेदारी अपने पास रखेगी।
रियल एस्टेट डेवलपर RMZ ने इस कैलेंडर ईयर में करीब ₹6,500 करोड़ के प्रीमियम ऑफिस एसेट्स को बेचने की घोषणा की है। कंपनी अपने 'सिग्नेचर ऑफिसेस' डिवीजन के तहत फैमिली ऑफिस और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को हाई-एंड ऑफिस बिल्डिंग्स या बड़े कैम्पस के अंदर की यूनिट्स की डायरेक्ट ओनरशिप खरीदने का मौका दे रही है।
'ऑफिस कॉन्डोमिनियम' की ओर कदम
अब तक, भारत के ग्रेड ए कमर्शियल ऑफिस मार्केट में 'बिल्ड-टू-लीज' मॉडल चलता आया है, जिसमें डेवलपर मालिकाना हक रखते थे और रेंटल इनकम कमाते थे। लेकिन RMZ अब 'ऑफिस कॉन्डोमिनियम' का विकल्प दे रहा है, जिससे निवेशक अलग बिल्डिंग या फ्लोर खरीद सकते हैं। इस डील का मिनिमम टिकट साइज ₹100 करोड़ रखा गया है, और बड़े फ्लोर एसेट्स के लिए यह ₹1,000 करोड़ तक जा सकता है। ये प्रॉपर्टीज बेंगलुरु, पुणे और गुरुग्राम जैसे प्रमुख बिजनेस हब में स्थित हैं।
स्ट्रेटेजिक बदलाव और एसेट मैनेजमेंट
RMZ के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मेंडा ने बताया कि फैमिली ऑफिस की ओर से डायरेक्ट रियल एस्टेट ओनरशिप में बढ़ती दिलचस्पी इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह है, जिससे उन्हें रेगुलर रेंटल इनकम मिल सके। डायरेक्ट ओनरशिप से निवेशक लीज कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल पर मार्केट रेट्स से ज्यादा प्रीमियम हासिल कर सकते हैं। खरीदारों को मालिकाना हक मिलने के बावजूद, RMZ प्रॉपर्टीज का मैनेजमेंट जारी रखेगा। इसमें लीजिंग, ऑक्यूपायर रिलेशनशिप्स और डेली फैसिलिटी ऑपरेशंस शामिल होंगे। यह स्ट्रक्चर एसेट्स की ऑपरेशनल क्वालिटी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, जो इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए एक क्रिटिकल फैक्टर है।
पिछली डील्स और ग्रोथ
यह पहल इसी साल की सफलताओं के बाद आई है, जहां कंपनी ने पुणे और बेंगलुरु में ₹2,500 करोड़ के ऑफिस स्पेस बेचे थे। RMZ इस मॉडल का विस्तार करते हुए 2027 फाइनेंशियल ईयर तक मुंबई और हैदराबाद में भी 'सिग्नेचर ऑफिसेस' लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस डायरेक्ट सेल स्ट्रैटेजी के अलावा, कंपनी बड़े पैमाने पर डेवलपमेंट में भी सक्रिय है। हाल ही में, RMZ ने सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के साथ गुरुग्राम में एक कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए ₹1,293 करोड़ के शुरुआती कैपिटल के साथ 50:50 का ज्वाइंट वेंचर बनाया है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
इन डेवलपमेंट पर नज़र रखने वाले निवेशकों को इन बिक्री के एग्जीक्यूशन और बेची जा रही बिल्डिंग्स के ऑक्यूपेंसी लेवल्स पर अपडेट्स का इंतजार करना चाहिए। यह स्ट्रैटेजी RMZ को नए प्रोजेक्ट्स के लिए कैपिटल रीसायकल करने का मौका देती है, लेकिन 'सिग्नेचर ऑफिसेस' मॉडल की लॉन्ग-टर्म सक्सेस फैमिली ऑफिस के डायरेक्ट ओनरशिप एसेट क्लास में निरंतर इंटरेस्ट पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, शेयरहोल्डर्स और ऑब्जर्वर यह भी देखेंगे कि कंपनी प्रॉपर्टी मैनेजर और डेवलपर दोनों की भूमिका को कैसे बैलेंस करती है, साथ ही गुरुग्राम के कॉम्पिटिटिव कमर्शियल मार्केट में अपने ज्वाइंट वेंचर्स की प्रगति पर भी नजर रखेंगे।
