REITs और InvITs का दबदबा: 2025 में निवेशकों की जोरदार कमाई, Nifty को दी मात!

REAL-ESTATE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
REITs और InvITs का दबदबा: 2025 में निवेशकों की जोरदार कमाई, Nifty को दी मात!
Overview

Indian listed REITs और InvITs ने 2025 में कमाल का प्रदर्शन किया है। इन दोनों एसेट क्लास ने मिलकर **19.55%** का रिटर्न दिया, जो Nifty50 TRI के **11.42%** से कहीं ज्यादा है। यह तेजी निवेशकों के बीच यील्ड (Yield) वाले इंस्ट्रूमेंट्स की बढ़ती डिमांड के चलते आई है, जो इस सेगमेंट को और भी आकर्षक बना रही है।

यील्ड की ओर निवेशकों का झुकाव बना बड़ा कारण

साल 2025 में India के लिस्टेड Real Estate Investment Trusts (REITs) और Infrastructure Investment Trusts (InvITs) ने शानदार परफॉरमेंस दिखाई। इन दोनों एसेट क्लास ने मिलकर 19.55% का बराबर-भार रिटर्न (equal-weight return) दिया, जो Nifty50 Total Return Index (TRI) के 11.42% और G-Sec Index के 6.81% से काफी बेहतर था। इस दमदार परफॉरमेंस का सबसे बड़ा कारण रहा निवेशकों की पसंद में आया बड़ा बदलाव। निवेशक पारंपरिक सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs) से हटकर ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स की ओर बढ़े जो नियमित यील्ड (Yield) देते हैं। 2025 के ब्याज दर माहौल (interest rate environment) ने ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स को सपोर्ट किया, जो स्थिर कैश फ्लो और अच्छा यील्ड देते हैं। RBI की तरफ से 2025 के अंत में की गई रेपो रेट (repo rate) में कटौती ने भी इस ट्रेंड को और हवा दी, जिससे यील्ड खोजने वाले एसेट्स की मांग बढ़ी।

सेक्टर में दिखी अलग-अलग रफ्तार

हालांकि, ओवरऑल कैटेगरी ने अच्छी पकड़ दिखाई, पर अलग-अलग सेगमेंट्स में परफॉरमेंस में काफी अंतर रहा। REITs सबसे आगे रहे, जिन्होंने 2025 में 29.68% का शानदार रिटर्न दिया, जो 2024 के 16.81% से काफी ज्यादा है। इसका मुख्य कारण लगातार मजबूत लीजिंग एक्टिविटी और स्थिर कैश फ्लो रहा, खासकर ऑफिस REITs ने अपने नेट ऑपरेटिंग इनकम में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की। Power InvITs ने भी 20.22% का रिटर्न देकर अपनी स्थिरता दिखाई। वहीं, Road InvITs की परफॉरमेंस कमजोर रही और वे सिर्फ 6.55% का रिटर्न दे पाए। इसकी वजह कुछ खास एसेट से जुड़ी चुनौतियाँ और नए लिस्टिंग का असर बताया जा रहा है। टोल रोड्स पर ट्रैफिक की अस्थिरता और संभावित टैरिफ बदलाव Road InvITs के कैश फ्लो को प्रभावित कर सकते हैं। सितंबर 2024 तक InvITs का टोटल AUM (Assets Under Management) ₹5.87 लाख करोड़ था।

मैच्योर एसेट क्लास में बढ़ रही इंस्टीट्यूशनल रुचि

REITs और InvITs को अब पारंपरिक इक्विटी और फिक्स्ड-इनकम प्रोडक्ट्स के मुकाबले एक भरोसेमंद विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। ये एसेट क्लास नियमित आय (distributions) के साथ-साथ कैपिटल एप्रिसिएशन (capital appreciation) भी ऑफर करते हैं। जून 2025 तक, इंडिया में चार लिस्टेड REITs और पांच पब्लिकली लिस्टेड InvITs थे, जो ₹8.5 ट्रिलियन से ज्यादा की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स मैनेज कर रहे थे। फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) और डोमेस्टिक फंड्स जैसे इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का इंटरेस्ट इस सेक्टर में लगातार बढ़ रहा है। SEBI के नए नियम, जैसे कि तिमाही एसेट परफॉरमेंस रिपोर्ट्स की अनिवार्यता, ने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है। इसके अलावा, SEBI की तरफ से मिनिमम एप्लीकेशन वैल्यू घटाने और ट्रेडिंग लॉट साइज कम करने जैसे प्रस्तावों से पब्लिकली लिस्टेड InvITs में रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। साल 2026-27 के बजट में भी CPSEs की रियल एस्टेट को डेडिकेटेड REITs के जरिए मॉनेटाइज करने और टियर II व टियर III शहरों की इंफ्रास्ट्रक्चर वैल्यू अनलॉक करने पर फोकस किया गया है।

सेक्टरल और मार्केट का संदर्भ

Nifty REITs और InvITs इंडेक्स में मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में होने वाले रीबैलेंसिंग (rebalancing) से यह सेक्टर के प्रदर्शन को बेहतर ढंग से दिखाता है। 2025 में जहां Nifty 50 TRI ने 11.42% का गेन देखा, वहीं 2024 में इसने 19.36% की जोरदार तेजी दर्ज की थी। ऐसे में, REITs/InvITs सेक्टर का यील्ड-ओरिएंटेड नेचर (yield-oriented nature) एक अलग तरह का आकर्षण पैदा करता है। Nifty REITs & InvITs इंडेक्स के कंपोनेंट्स में मुख्य रूप से रियलिटी सेक्टर (74.35%) और पावर सेक्टर (16.75%) शामिल हैं। यह सेक्टर लगातार इनकम स्ट्रीम देने की अपनी क्षमता, बदलते रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और सरकारी पहलों के साथ, पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा बनने की राह पर है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.