RBI Meeting: रेपो रेट में 25 bps की बढ़ोतरी के संकेत, क्या त्योहारों पर फीका पड़ेगा रियल एस्टेट का जलवा?

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AuthorNeha Patil|Published at:
RBI Meeting: रेपो रेट में 25 bps की बढ़ोतरी के संकेत, क्या त्योहारों पर फीका पड़ेगा रियल एस्टेट का जलवा?

RBI की आगामी 5-7 अक्टूबर की मीटिंग में रेपो रेट के **25 बेसिस पॉइंट्स** बढ़कर **5.50%** होने के कयास लगाए जा रहे हैं। बढ़ती महंगाई के कारण हो रहे इस बदलाव से फेस्टिव सीजन में होम लोन की EMI महंगी होने और रियल एस्टेट सेक्टर की डिमांड पर असर पड़ने का डर है।

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर पर अब ब्याज दरों का दबाव साफ दिख रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की मीटिंग 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक होने वाली है। मार्केट के जानकारों का मानना है कि महंगाई को काबू में रखने के लिए RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे यह दर 5.25% से बढ़कर 5.50% हो जाएगी। अगस्त में खुदरा महंगाई दर 4.82% के स्तर पर पहुंच गई थी, जिसे देखते हुए यह फैसला लेना बैंक की मजबूरी बनता जा रहा है।

होमबॉयर्स पर क्या होगा असर?

त्योहारी सीजन में जब घर खरीदने का सिलसिला तेज होता है, तब यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर होम लोन की ब्याज दरों पर पड़ेगा। अगर लोन की दरें बढ़ती हैं, तो खरीदारों की मंथली EMI में भी इजाफा तय है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि रियल एस्टेट मार्केट ने काफी मजबूती दिखाई है, लेकिन इस बढ़ती कॉस्ट से कीमत को लेकर सतर्क रहने वाले खरीदार अपने फैसले को टाल सकते हैं।

डेवलपर्स के लिए बढ़ेगी चुनौती

रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तीसरी तिमाही में रियल एस्टेट में $9.5 बिलियन का रिकॉर्ड निवेश आया है, लेकिन अगर कर्ज महंगा होता है, तो प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाएगी। अगर डेवलपर्स इस बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर नहीं डाल पाते हैं, तो उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ना तय है। अब निवेशकों की नजरें 7 अक्टूबर को आने वाले RBI के फैसले और उस पर दी जाने वाली भविष्य की गाइडेंस पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.