Puravankara का शानदार फाइनेंशियल टर्नअराउंड (Financial Turnaround)!
Q3 FY26 के नतीजों में Puravankara Limited ने कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) पिछले साल की समान अवधि के ₹199.50 करोड़ के मुकाबले 282.5% की छलांग लगाकर ₹723.32 करोड़ पर पहुंच गया। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी, जो पिछले साल Q3 में ₹82.49 करोड़ के घाटे में थी, वो अब ₹63.79 करोड़ के शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में आ गई है।
कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर भी कहानी कुछ ऐसी ही है। रेवेन्यू पिछले साल के ₹318.16 करोड़ से बढ़कर ₹1,069.31 करोड़ पर पहुंच गया, जो 236.1% की ग्रोथ दिखाता है। इसी के साथ, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹92.64 करोड़ के नुकसान से सुधरकर ₹58.34 करोड़ के मुनाफे में बदल गया।
कंपनी के शेयर पर निवेशकों की उम्मीदों को बढ़ाने वाले नतीजे आए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर बेसिक ईपीएस (Basic EPS) ₹2.69 रहा, जबकि कंसोलिडेटेड ईपीएस (Consolidated EPS) ₹2.53 रहा। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे प्री-सेल्स (Pre-sales) में 17% की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) बढ़ोतरी (₹1,414 करोड़) और कलेक्शन (Collections) में 22% की YoY बढ़ोतरी (₹1,140 करोड़) का बड़ा हाथ है।
नतीजों पर कुछ 'एक्सेप्शनल आइटम' (Exceptional Item) का भी असर रहा, जिसमें नए लेबर कोड्स के चलते एम्प्लॉई बेनिफिट्स के लिए ₹1.35 करोड़ (स्टैंडअलोन) और ₹2.20 करोड़ (कंसोलिडेटेड) की लागत दर्ज की गई।
आगे क्या? रिस्क और स्ट्रेटेजिक मूव्स
जहां एक ओर Puravankara ने शानदार नतीजे पेश किए हैं, वहीं कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं। कंपनी कुछ बड़े लीगल (Legal) और टैक्स (Tax) मामलों से जूझ रही है:
- संभावित टैक्स लायबिलिटी (Tax Liabilities): इनकम टैक्स (Income Tax) डिसअलाउंसेस (Disallowances) के कारण कंपनी पर ₹40.59 करोड़ (स्टैंडअलोन) और ₹61.81 करोड़ (कंसोलिडेटेड) की अतिरिक्त टैक्स देनदारी का खतरा मंडरा रहा है।
- बेनामी प्रॉपर्टी मामले: कुछ ज़मीनों को लेकर बेनामी प्रॉपर्टी के तहत प्रोसीडिंग्स (Proceedings) चल रही हैं, जिनकी वैल्यू ₹13.20 करोड़ है। हालांकि कर्नाटक हाई कोर्ट ने इन पर स्टे (Stay) लगा दिया है, लेकिन इनका हल निकलना अभी बाकी है।
कंपनी का मैनेजमेंट इन लीगल मामलों के पॉजिटिव रिज़ॉल्यूशन (Resolution) को लेकर आश्वस्त है।
कॉर्पोरेट जगत में बड़े फैसले
फाइनेंशियल नतीजों के अलावा, Puravankara के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने कुछ अहम कॉर्पोरेट फैसले भी लिए हैं:
- MD की री-अपॉइंटमेंट: मिस्टर आशीष रवि पुरवंकरा को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक (5 साल के लिए) मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के तौर पर फिर से नियुक्त करने की मंजूरी मिल गई है, बस शेयरहोल्डर अप्रूवल (Shareholder Approval) बाकी है।
- सब्सिडियरी मर्जर (Subsidiary Merger): दो पूरी तरह से नियंत्रित सब्सिडियरीज़, IBID Home Private Limited और Purva Woodworks Private Limited, का मर्जर करने का फैसला लिया गया है। इसका मकसद निवेश को ऑप्टिमाइज़ (Optimize) करना और डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) को इंटीग्रेट (Integrate) कर मार्केट रीच (Market Reach) बढ़ाना है।
- नई सब्सिडियरी: KVN Property Holdings LLP नाम की एक नई सब्सिडियरी का गठन भी किया गया है।
- डेट इश्यूएंस (Debt Issuance): सब्सिडियरीज़ द्वारा ₹577 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (Non-convertible debentures) जारी किए जाएंगे।
इन सब के साथ, कंपनी ने 9MFY26 में लगभग ₹13,900 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) के साथ अपने डेवलपमेंट पोर्टफोलियो (Development Portfolio) का बड़ा विस्तार भी किया है, जो ग्रोथ की ओर एक बड़ा कदम दिखाता है।