रियल एस्टेट की दिग्गज कंपनी Puravankara Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में अपने दमदार नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि में हुए ₹94 करोड़ के भारी नुकसान से शानदार वापसी की है और इस बार ₹58 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया है। यह एक जबरदस्त टर्नअराउंड (Turnaround) है। कंपनी की कुल आय में भी 230% का उछाल देखा गया, जो ₹334 करोड़ से बढ़कर ₹1,104 करोड़ पर पहुंच गई।
मुनाफे और आय में ज़बरदस्त बढ़त का कारण
इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और कॉस्ट कंट्रोल (Cost Control) का बड़ा हाथ है। इसके चलते EBITDA मार्जिन (EBITDA Margin) 10% से बढ़कर 23% पर आ गया। नौ महीने की अवधि (31 दिसंबर 2025 तक) में भी कंपनी की आय 51% बढ़कर ₹2,305 करोड़ रही।
डेट और कलेक्शन पर एक नज़र
हालांकि, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) 1.47x और नेट डेट (Net Debt) ₹2,482 करोड़ पर बना हुआ है, जिस पर नज़र रखने की ज़रूरत है। अच्छी बात यह है कि कंपनी ने तीसरी तिमाही में अपना नेट डेट ₹244 करोड़ कम किया है और कर्ज की लागत (Cost of Debt) घटाकर 11.08% कर ली है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी ने इस तिमाही में रिकॉर्ड ₹1,140 करोड़ का कलेक्शन (Collection) किया है, जो मजबूत कैश फ्लो (Cash Flow) को दर्शाता है।
नई प्रोजेक्ट पाइपलाइन और प्री-सेल्स
Puravankara अपनी प्रोजेक्ट लॉन्चिंग, कंस्ट्रक्शन स्पीड और लागत प्रबंधन पर लगातार फोकस कर रही है। FY'26 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 5 नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं, जिनकी कुल डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹13,900 करोड़ आंकी गई है। इनमें मुंबई के केमूर और मलाबार हिल्स जैसे प्रीमियम इलाकों में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। कंपनी चौथी तिमाही FY'26 और पहली तिमाही FY'27 में मुंबई और बेंगलुरु में कई नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने की योजना बना रही है। तीसरी तिमाही में प्री-सेल्स (Pre-sales) 17% बढ़कर ₹1,414 करोड़ रही, जबकि प्रति वर्ग फुट औसत रियलाइजेशन (Average Realization) 12% बढ़कर ₹9,500 हो गया।
कमर्शियल प्रोजेक्ट्स से भी उम्मीद
कंपनी के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स भी ट्रैक पर हैं। Zentech और Aerocity प्रोजेक्ट्स के लिए मार्च 2026 तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) मिलने की उम्मीद है। इनसे पूरी तरह लीज होने पर लगभग ₹200 करोड़ का सालाना रेंटल इनकम (Annuity Rental Income) आने का अनुमान है।
जोखिम और नियामक मुद्दे
हालांकि, निवेशकों को कंपनी के ऊंचे डेट-टू-इक्विटी रेश्यो पर ध्यान देना चाहिए, भले ही इसमें कमी आई है। साथ ही, महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पाइपलाइन (Project Pipeline) के एग्जीक्यूशन (Execution) में भी चुनौतियां आ सकती हैं। कंपनी ने हाल ही में कुछ मामूली एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन (Administrative Action) का सामना किया है। जनवरी 2026 में एक 'कोड ऑफ कंडक्ट' उल्लंघन के मामले में प्रॉफिट डिसगॉर्जमेंट (Profit Disgorgement) और पेनल्टी लगी, जिसका कंपनी के अनुसार कोई बड़ा वित्तीय या ऑपरेशनल असर नहीं हुआ। दिसंबर 2024 में SEBI से भी एक एडमिनिस्ट्रेटिव वार्निंग मिली थी, जिसका भी संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
आगे क्या?
भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर अभी तेज़ी के दौर से गुज़र रहा है, खासकर बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में। Puravankara की दमदार वापसी और प्रोजेक्ट पाइपलाइन इसे कॉम्पिटिटिव (Competitive) बनाए रखती है। मैनेजमेंट का मानना है कि मैक्रो इकोनॉमिक (Macroeconomic) माहौल और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट की मजबूत मांग को देखते हुए आने वाले 1-4 वर्षों में कंपनी ग्रोथ जारी रखेगी।