Puravankara Share Price: रियल एस्टेट में तूफानी तेजी! प्री-सेल्स में **28%** का उछाल, **₹1,439 करोड़** पार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Puravankara Share Price: रियल एस्टेट में तूफानी तेजी! प्री-सेल्स में **28%** का उछाल, **₹1,439 करोड़** पार

रियल एस्टेट डेवलपर Puravankara ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की प्री-सेल्स (Pre-sales) में **28%** का जोरदार उछाल आया और यह **₹1,439 करोड़** के पार पहुंच गई। कलेक्शन में भी **40%** की बढ़ोतरी देखी गई।

Puravankara की दमदार शुरुआत

Puravankara Ltd. ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत शानदार ग्रोथ के साथ की है। 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी की प्री-सेल्स में पिछले साल के मुकाबले 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रियल एस्टेट डेवलपर ने कुल ₹1,439 करोड़ की प्री-सेल्स हासिल की, जबकि कैश कलेक्शन (Cash Collection) में 40% का इजाफा हुआ और यह ₹1,199 करोड़ पर पहुंच गया। इस रेवेन्यू ग्रोथ को कुल बिक्री मात्रा में 9% की बढ़ोतरी और औसत प्राइस रियलाइजेशन (Average Price Realization) में 18% का इजाफा, जो ₹10,589 प्रति वर्ग फुट रहा, का भी सहारा मिला।

लैंड बैंक में बड़ी बढ़ोतरी

कंपनी बेंगलुरु रियल एस्टेट मार्केट में अपनी पैठ मजबूत कर रही है। हालिया तिमाही में, Puravankara ने ₹5,200 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) वाले चार नए लैंड पार्सल हासिल किए हैं। इन अधिग्रहणों में सरजापुर में 6.4 एकड़ का प्लॉट, डोड्डेगुबी में 11.23 एकड़ का पार्सल, एयरपोर्ट कॉरिडोर में 9.73 एकड़ का प्लॉट और मंडूर में 14.57 एकड़ का लैंड पार्सल शामिल है। इनগুলোর লক্ষ্য হল কোম্পানির ভবিষ্যৎ প্রকল্পের পাইপলাইনকে শক্তিশালী করা। তবে, বিনিয়োগকারীদের জন্য, জমি অধিগ্রহণের গতি একটি গুরুত্বপূর্ণ পর্যবেক্ষণীয় বিষয়, কারণ প্রকল্প বাস্তবায়ন বা বিক্রি বিলম্বিত হলে জমিগুলিতে উচ্চ মূলধন ব্যয় ঋণ বৃদ্ধি এবং নগদ প্রবাহের উপর চাপ সৃষ্টি করতে পারে।

कमर्शियल एसेट की बिक्री

अपने रेजिडेंशियल सेल्स ग्रोथ के अलावा, Puravankara ने अपने कमर्शियल एसेट, Purva Zentech, को ICICI Prudential AMC को बेच दिया है। इस डील को ₹625.94 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर फाइनल किया गया। इस ट्रांजेक्शन की संरचना में स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के शेयरों की बिक्री के माध्यम से ₹145 करोड़ शामिल हैं, जिसमें बाकी राशि बैलेंस शीट एडजस्टमेंट के जरिए पूरी की जाएगी। यह कदम एक व्यापक इंडस्ट्री ट्रेंड का हिस्सा है, जहां डेवलपर्स अपनी बैलेंस शीट को डी-लीवरेज करने और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट विस्तार के लिए लिक्विडिटी जेनरेट करने के लिए कमर्शियल एसेट्स का मोनेटाइजेशन कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

कंपनी ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹11,200 करोड़ की सेल्स गाइडेंस बरकरार रखी है, जिसका फोकस दक्षिणी और पश्चिमी भारत में ग्रोथ पर है। हालांकि रिपोर्ट किए गए आंकड़े प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की मजबूत मांग को दर्शाते हैं, रियल एस्टेट सेक्टर ब्याज दर में उतार-चढ़ाव और हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी से जुड़े रेगुलेटरी बदलावों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। निवेशकों को इस बात पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनी अपनी वर्तमान सेल्स वेलोसिटी और प्राइसिंग पावर को बनाए रख सकती है, साथ ही अपने हालिया लैंड अधिग्रहण से जुड़े वित्तीय लागतों को भी संतुलित कर सकती है। भविष्य के तिमाही नतीजे इन अधिग्रहणों और कमर्शियल एसेट बिक्री का कंपनी के समग्र नेट डेट (Net Debt) और प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने वाले प्रभाव पर अधिक स्पष्टता प्रदान करेंगे।

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