सब्सक्रिप्शन का पूरा हाल
PropShare Celestia IPO कुल 1.33 गुना सब्सक्राइब होकर क्लोज हुआ। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) वाले हिस्से को 4.81 गुना से ज्यादा की भारी डिमांड मिली, जिसने ओवरऑल सब्सक्रिप्शन को बढ़ाया। वहीं, इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (QIBs) की तरफ से इस IPO में दिलचस्पी कम दिखी और उनका हिस्सा सिर्फ 17% ही सब्सक्राइब हुआ।
क्या है खास प्रॉपर्टी?
यह IPO अहमदाबाद (Ahmedabad) में स्थित 'Stratum at Venus Grounds' नाम की एक ग्रेड A+ कमर्शियल बिल्डिंग की सात फ्लोर्स पर केंद्रित है। 2,07,838 स्क्वायर फीट के एरिया वाली यह प्रॉपर्टी 100% ऑक्यूपाइड है। यहां Smartworks Coworking Spaces और EFC जैसे मैनेज्ड ऑफिस ऑपरेटर्स, एक स्वीडिश टेलीकम्युनिकेशन मल्टीनेशनल कंपनी, और तीन फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों सहित कुल 10 प्रमुख टेनेंट्स (Tenants) मौजूद हैं। इस बिल्डिंग का एवरेज लीज एक्सपायरी 6.72 साल का है, जो मीडियम टर्म के लिए एक स्टेबल इनकम सोर्स का संकेत देता है। फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए कंपनी ने 8.4% का डिस्ट्रिब्यूशन यील्ड (Distribution Yield) प्रोजेक्ट किया है।
स्पॉन्सर का ट्रैक रिकॉर्ड और SM REIT
PropShare Celestia, Property Share Investment Trust की तीसरी स्कीम है, जिसने भारत में स्मॉल एंड मीडियम रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (SM REIT) की शुरुआत की थी। इससे पहले, PropShare Platina (दिसंबर 2024) ने ₹353 करोड़ और PropShare Titania (अगस्त 2025) ने ₹473 करोड़ जुटाए थे। हालांकि, PropShare Platina में भी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की भागीदारी काफी कम (0.01x) रही थी, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स ने 6.44x सब्सक्राइब किया था। इस IPO के स्पॉन्सर (Sponsor) AltInvest Online Platform हैं, जिन्हें बड़े वेंचर कैपिटल फर्म्स का सपोर्ट हासिल है।
अहमदाबाद मार्केट का सपोर्ट
यह इन्वेस्टमेंट अहमदाबाद के तेजी से विकसित हो रहे कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट का हिस्सा है। 2026 की पहली तिमाही (Q1) की रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां ऑफिस लीजिंग में रिकवरी देखी गई है। शहर में ऑफिस रेंट साल-दर-साल 4% बढ़ा है, जो इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स की बढ़ती मांग से प्रेरित है।
चिंताएं और रिस्क
अच्छी क्वालिटी की प्रॉपर्टी होने के बावजूद, इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की कम भागीदारी कुछ सवाल खड़े करती है। PropShare Celestia एक नया इन्वेस्टमेंट व्हीकल है जिसका कोई पिछला ऑपरेटिंग इतिहास नहीं है। इसकी परफॉरमेंस पूरी तरह से टारगेट एसेट के सफल अधिग्रहण और मैनेजमेंट पर निर्भर करेगी। प्रॉपर्टी 100% ऑक्यूपाइड होने के बावजूद, लगभग 97.32% एरिया मैनेज्ड ऑफिस प्रोवाइडर्स और को-वर्किंग स्पेसेस को सब-लेट किया गया है। यह इनडायरेक्ट रिस्क (Indirect Risk) पैदा करता है, क्योंकि इन इंटरमीडियरीज (Intermediaries) के साथ कोई दिक्कत आने पर रेंटल इनकम प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में इस स्कीम ने ₹5.34 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹20.02 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया था। भारत के आम REIT मार्केट का यील्ड 6-7.5% है, जबकि इस नए, सिंगल-एसेट वाले SM REIT के 8.4% के अनुमानित यील्ड को इन रिस्क के साथ देखना होगा। लिस्टिंग के बाद SM REIT यूनिट्स की लिक्विडिटी (Liquidity) भी एक सवाल बनी हुई है।
आगे क्या?
PropShare Celestia IPO को रिटेल इन्वेस्टर्स से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, लेकिन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स थोड़े सतर्क दिखे। 24 अप्रैल को इसकी लिस्टिंग होनी है, जहाँ यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रॉपर्टी की क्वालिटी और अहमदाबाद के रियल एस्टेट मार्केट का सपोर्ट, नए इन्वेस्टमेंट व्हीकल की चुनौतियों से कैसे पार पाता है।