Prestige Estates Projects ने बड़े शहरों में तीन नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए हैं, जिनसे भविष्य में **₹12,000 करोड़** के रेवेन्यू की उम्मीद है। यह विस्तार पिछली तिमाही में सेल्स बुकिंग में **46%** की गिरावट के बाद आया है, जो ₹6,579 करोड़ दर्ज की गई थी। निवेशक इस पर नज़र रखेंगे कि क्या आने वाले फेस्टिव सीज़न के लॉन्च कंपनी को अपने सालाना ₹35,000-36,000 करोड़ के सेल्स टारगेट को पूरा करने में मदद कर पाएंगे।
नए प्रोजेक्ट्स से उम्मीदें?
Prestige Estates Projects Ltd. ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की अप्रैल-जून तिमाही में तीन नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए हैं। कंपनी को उम्मीद है कि इन प्रोजेक्ट्स से कुल ₹12,000 करोड़ का रेवेन्यू मिल सकता है। इन रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के अलावा, कंपनी ने बेंगलुरु में 3 मिलियन स्क्वायर फुट का एक कमर्शियल प्रोजेक्ट भी शुरू किया है, जो रियल एस्टेट में अपने कमर्शियल फुटप्रिंट को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सेल्स परफॉर्मेंस और रीजनल ट्रेंड्स
नए प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन के बावजूद, कंपनी की तिमाही सेल्स बुकिंग ₹6,579.3 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 46% कम है। मैनेजमेंट ने इस गिरावट का कारण पिछले साल के बड़े बेस इफेक्ट को बताया, जब दिल्ली-NCR में एक बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च से आंकड़े काफी बढ़े थे। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹30,024 करोड़ की रिकॉर्ड सेल्स बुकिंग की थी, जो 76% की ग्रोथ दर्शाती है।
क्षेत्रीय बिक्री में हैदराबाद सबसे आगे रहा, जिसने कुल बिक्री का 49% योगदान दिया। इसके बाद बेंगलुरु का 27% और मुंबई का 12% स्थान रहा। अपार्टमेंट यूनिट्स के लिए एवरेज रियलाइजेशन प्राइस ₹11,193 प्रति स्क्वायर फुट दर्ज किया गया, जबकि प्लॉटेड डेवलपमेंट का एवरेज ₹8,043 प्रति स्क्वायर फुट रहा।
ग्रोथ स्ट्रेटेजी और भविष्य की राह
अपने सालाना ₹35,000-36,000 करोड़ के सेल्स टारगेट को पूरा करने के लिए, Prestige Group मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और नेशनल कैपिटल रीजन जैसे प्रमुख बाजारों में कई प्रोजेक्ट लॉन्च करने की योजना बना रहा है। ये लॉन्च आने वाले फेस्टिव सीज़न के साथ होंगे, जब भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में डिमांड आमतौर पर ज़्यादा होती है। कंपनी के पास कुल ₹60,000 करोड़ का लॉन्च पाइपलाइन है, हालांकि इसका कार्यान्वयन रेगुलेटरी अप्रूवल्स पर निर्भर करेगा।
निवेशकों को कंपनी की अप्रूवल हासिल करने की क्षमता और प्रतिस्पर्धी बाजार में सेल्स मोमेंटम बनाए रखने पर नज़र रखनी चाहिए। जहां कंपनी आक्रामक ग्रोथ का लक्ष्य रखती है, वहीं हालिया बुकिंग में 46% की गिरावट प्रोजेक्ट लॉन्च टाइमलाइन और मार्केट डिमांड साइकिल के प्रति कंपनी के प्रदर्शन की संवेदनशीलता को उजागर करती है। नए लॉन्च हुए रेजिडेंशियल यूनिट्स की प्रगति और 3 मिलियन स्क्वायर फुट के कमर्शियल प्रोजेक्ट में लीजिंग की स्थिति पर नज़र रखना ज़रूरी होगा ताकि यह मूल्यांकन किया जा सके कि डेवलपर अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख सकता है और अपने महत्वाकांक्षी सेल्स प्रोजेक्शन को पूरा कर सकता है या नहीं।
