रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी की बिक्री बुकिंग में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **46%** की भारी गिरावट आई है और यह **₹6,579.3 करोड़** रही। हालांकि, कंपनी ने इस साल के लिए **₹35,000-36,000 करोड़** का बिक्री लक्ष्य बरकरार रखा है।
बिक्री में गिरावट की वजह?
Prestige Estates Projects Ltd ने जून तिमाही (Q1 FY27) में ₹6,579.3 करोड़ की रेजिडेंशियल प्री-सेल्स दर्ज की। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹12,126.4 करोड़ के मुकाबले 46% कम है। कंपनी ने साफ किया है कि यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल के हाई बेस इफेक्ट के कारण है। दरअसल, पिछले साल की पहली तिमाही में दिल्ली-NCR में एक बड़े प्रोजेक्ट के लॉन्च ने बिक्री को काफी बढ़ावा दिया था।
बिक्री प्रदर्शन और भौगोलिक फोकस
अप्रैल से जून के दौरान, कंपनी ने 6.04 मिलियन वर्ग फुट में फैली 3,337 यूनिट्स बेचीं। बिक्री के आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी का फोकस भौगोलिक रूप से बदला है। हैदराबाद इस तिमाही में बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जिसने कुल बिक्री का 49% योगदान दिया। बेंगलुरु, जो ऐतिहासिक रूप से कंपनी का गढ़ रहा है, से 27% बिक्री आई, जबकि मुंबई का योगदान 12% रहा। दिल्ली-NCR क्षेत्र, जिसने पिछले साल के नतीजों को काफी प्रभावित किया था, से इस तिमाही में केवल 7% बिक्री हुई, और बाकी बाजारों का योगदान 5% रहा।
कीमतों के लिहाज से, अपार्टमेंट यूनिट्स के लिए औसत रियलाइजेशन ₹11,193 प्रति वर्ग फुट रहा, जबकि प्लॉटेड डेवलपमेंट ₹8,043 प्रति वर्ग फुट की औसत कीमत पर बेचे गए। इसके अलावा, कंपनी ने इस तिमाही में 4.37 मिलियन वर्ग फुट के डेवलपेबल एरिया को कवर करते हुए तीन प्रोजेक्ट पूरे किए।
आगे का रास्ता और लक्ष्य
तिमाही के दौरान बिक्री में आई गिरावट के बावजूद, मैनेजमेंट का वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹35,000-36,000 करोड़ का वार्षिक बिक्री लक्ष्य हासिल करने पर ध्यान केंद्रित है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने कुल ₹30,024 करोड़ की बिक्री दर्ज की थी। चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर इरफान रज़ाक ने कहा कि हैदराबाद में 'Prestige Golden Grove' प्रोजेक्ट को बाजार से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
निवेशकों के लिए, आने वाली तिमाहियों में नए लॉन्च की गति महत्वपूर्ण होगी। कंपनी ने आने वाले त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई और दिल्ली-NCR सहित प्रमुख बाजारों में बड़े लॉन्च की योजना बनाई है। इन लॉन्च की सफलता और प्रोजेक्ट निष्पादन की गति यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होगी कि कंपनी अपने महत्वाकांक्षी वार्षिक लक्ष्यों को पूरा कर पाती है या नहीं। निवेशकों को कंपनी के कर्ज स्तर और नकदी प्रवाह पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इतने ऊंचे बिक्री लक्ष्य को बनाए रखने के लिए अक्सर जमीन अधिग्रहण और निर्माण गतिविधियों पर महत्वपूर्ण पूंजी खर्च करने की आवश्यकता होती है।
