Prestige Estates Share: Q1 में मुनाफे पर गिरी गाज! बिक्री में बड़ी गिरावट, निवेशक क्या करें?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Prestige Estates Share: Q1 में मुनाफे पर गिरी गाज! बिक्री में बड़ी गिरावट, निवेशक क्या करें?

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने जून तिमाही में **19.4%** की गिरावट के साथ **₹235.9 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में **15.9%** की बढ़ोतरी हुई, लेकिन कुल बिक्री पिछले साल के मुकाबले **46%** गिर गई।

रेवेन्यू बढ़ा, पर सेल्स में भारी गिरावट

Prestige Estates Projects Ltd. ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही, जो 30 जून 2026 को समाप्त हुई, में ₹235.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹292.5 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था, जो 19.4% की कमी दर्शाता है।

कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 15.9% बढ़कर ₹2,675.1 करोड़ हो गया। हालांकि, यह टॉप-लाइन परफॉर्मेंस सेल्स बुकिंग्स के ठीक विपरीत रही। तिमाही के लिए कुल सेल्स बुकिंग 46% घटकर ₹6,579.3 करोड़ रह गई। कंपनी की टोटल सेल्स वॉल्यूम में भी 31% की गिरावट आई, तिमाही के दौरान 5.56 मिलियन स्क्वायर फीट की बिक्री हुई।

मार्जिन पर दबाव और बिक्री दर में गिरावट

प्रॉफिट मार्जिन पर भी दबाव देखा गया, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 38.7% से घटकर 32.1% पर आ गया। तिमाही के लिए EBITDA ₹859.6 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹893.8 करोड़ था। कंपनी की कलेक्शन 6% बढ़कर ₹4,802.2 करोड़ हो गई, लेकिन अपार्टमेंट्स और विला की एवरेज रियलाइजेशन पर स्क्वायर फीट में 16% की गिरावट आई, जो ₹11,193 रही। यह कंज्यूमर प्राइसिंग में बदलते ट्रेंड्स को दिखाता है।

कर्ज की स्थिति और मार्केट फोकस

तिमाही के अंत तक, Prestige Estates पर ₹11,915 करोड़ का नेट डेट था, और डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.69 था। डेट की एवरेज कॉस्ट 9.31% पर स्थिर रही। इस कर्ज को मैनेज करना और प्रोजेक्ट्स को पूरा करना कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए अहम है।

क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो, हैदराबाद बिक्री का मुख्य केंद्र रहा, जिसने ₹3,243.1 करोड़ का योगदान दिया। इसके बाद बेंगलुरु से ₹1,795.3 करोड़ और मुंबई से ₹776.3 करोड़ की बिक्री हुई। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) और चेन्नई का योगदान कुल बिक्री में कम रहा।

निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार के साथ-साथ प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। आने वाली तिमाहियों में सेल्स वॉल्यूम की रिकवरी, रियलाइजेशन रेट्स का स्थिरीकरण, और प्रोजेक्ट्स को पूरा करते हुए कंपनी की कर्ज को संभालने की क्षमता पर ध्यान दिया जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.