रियल एस्टेट दिग्गज Prestige Estates Projects Ltd. ने मुंबई के अंधेरी ईस्ट में एक बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट में Advent Convention and Hotels International की 50% हिस्सेदारी **₹504 करोड़** में खरीदने का ऐलान किया है। इस डील से कंपनी को **15 लाख वर्ग फुट** की जगह मिलेगी, जिसकी अनुमानित वैल्यू **₹4,500 करोड़** है।
क्या हुआ?
Prestige Estates Projects Ltd. ने Advent Convention and Hotels International Ltd. में 50% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹504 करोड़ नकद भुगतान करने की डील फाइनल कर ली है। कंपनी के मुताबिक, यह डील अगले 45 दिनों में पूरी हो जाएगी। यह निवेश मुंबई के अंधेरी ईस्ट के सहार इलाके में एक खास कमर्शियल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए है।
प्रोजेक्ट का पैमाना और क्षमता
यह कमर्शियल प्रोजेक्ट करीब 21,978 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बनाया जाएगा। पूरा होने पर, यह 15 लाख वर्ग फुट की लीज पर देने लायक कमर्शियल जगह देगा। Prestige Estates ने इस प्रोजेक्ट की कुल ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) यानी पूरा होने पर संभावित कुल रेवेन्यू ₹4,500 करोड़ रहने का अनुमान लगाया है। यह डेवलपमेंट मुंबई के हाई-डिमांड वाले कमर्शियल प्रॉपर्टी मार्केट में कंपनी के विस्तार का हिस्सा है।
फाइनेंशियल बातें
Prestige Estates ने एक्सचेंज फाइलिंग में कन्फर्म किया है कि यह डील किसी भी प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी नहीं है, यानी कोई फाइनेंशियल हितों का टकराव (Conflict of Interest) नहीं है। इसके अलावा, इस डील को पूरा करने के लिए किसी खास रेगुलेटरी या सरकारी अप्रूवल की जरूरत नहीं है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि जिस कंपनी Advent Convention and Hotels International Ltd. में निवेश किया जा रहा है, वह 2024 में ही बनी है और फाइनेंशियल ईयर 2025 और 2026 में इसका कोई टर्नओवर नहीं रहा है।
शेयर का रिएक्शन
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को, Prestige Estates Projects Ltd. के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 0.33% की मामूली गिरावट के साथ ₹1,668.50 पर बंद हुए। कंपनी लगातार बड़े शहरों में अपनी ज़मीन और प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ा रही है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में है। इसलिए, निवेशकों को कंस्ट्रक्शन शुरू होने की टाइमलाइन और 15 लाख वर्ग फुट की जगह की लीजिंग में सफलता पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। निवेशक ₹504 करोड़ के इस कैश आउटफ्लो का कंपनी की डेट पोजीशन और कैश फ्लो पर असर भी ट्रैक कर सकते हैं, खासकर कंपनी के अन्य कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स को देखते हुए। प्रोजेक्ट की टाइमलाइन या मुंबई के कमर्शियल लीजिंग माहौल में बदलाव को लेकर आने वाली भविष्य की फाइलिंग्स इस निवेश पर लॉन्ग-टर्म रिटर्न को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
