लिस्टिंग के महज दो दिन बाद ही Pranav Constructions के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई है। स्टॉक अपने IPO प्राइस ₹124 के नीचे गिरकर **₹104.15** पर आ गया है, जबकि लिस्टिंग के दिन यह **₹164.50** तक पहुंचा था।
बुधवार को शेयर बाजार में Pranav Constructions के शेयरों पर भारी दबाव दिखा और भाव BSE पर ₹104.15 के निचले स्तर तक लुढ़क गए। यह पहला मौका है जब कंपनी के शेयर अपने ₹124 के इश्यू प्राइस के नीचे कारोबार कर रहे हैं। गौरतलब है कि सिर्फ 15 सितंबर, 2026 को कंपनी का शेयर ₹164.50 के हाई पर था, जहां से अब तक इसमें 37% की बड़ी गिरावट आ चुकी है।
क्यों ठंडा पड़ा जोश?
कंपनी का IPO मार्केट में काफी हिट रहा था और इसे 126.34 गुना सब्सक्राइब किया गया था। हालांकि, सेकेंडरी मार्केट में लिस्टिंग के बाद निवेशकों का उत्साह तेजी से ठंडा पड़ा है। कंपनी का मुख्य बिजनेस मुंबई क्षेत्र में रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का 99.7% रेवेन्यू Municipal Corporation of Greater Mumbai (MCGM) के दायरे से आता है, जो इसके बिजनेस की भौगोलिक एकाग्रता (Geographic concentration) को दर्शाता है।
निवेशक क्यों हैं चिंतित?
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति में कुछ अहम चुनौतियां हैं, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी होगी:
- कैश फ्लो: कंपनी ने हाल के वर्षों में नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो दर्ज किया है, जो कैपिटल-इंटेंसिव रियल एस्टेट सेक्टर में एक आम लेकिन जोखिम भरा पहलू है।
- ऑपरेशनल रिस्क: सप्लायर्स की सीमित संख्या और फिक्स्ड-प्राइस एग्रीमेंट का अभाव निर्माण लागत (Construction cost) में उतार-चढ़ाव का खतरा बढ़ाता है।
- कानूनी अड़चनें: प्रमोटर से जुड़ी लंबित कानूनी कार्रवाई (Litigation) ने भी बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
आने वाले समय में कंपनी की परफॉर्मेंस इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से पूरा करती है और फंड का इस्तेमाल कैसे करती है।
