दमदार नतीजे और आगे की राह
Phoenix Mills के मैनेजमेंट ने इस बार लागत नियंत्रण (Cost Control) और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर खासा ध्यान दिया है, जिसका नतीजा 9MFY26 के नतीजों में साफ दिखाई दे रहा है। कंपनी का रेवेन्यू ₹31.9 अरब तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14% ज्यादा है। वहीं, EBITDA में 18% का उछाल आया और यह ₹18.9 अरब रहा। इस दौरान मार्जिन में भी 192 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ, जो अब 57.2% पर है।
तिमाही नतीजों में क्या रहा खास?
हालिया तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे भी साल-दर-साल आधार पर बेहतर रहे। इस तिमाही में रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹11.2 अरब और EBITDA 19% बढ़कर ₹6.6 अरब दर्ज किया गया। हालांकि, एडजस्टेड नेट प्रॉफिट (PAT) में 4% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹2.8 अरब रहा। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि एसोसिएट कंपनियों के मुनाफे में बढ़े हुए हिस्से के कारण तिमाही के आंकड़े उम्मीदों से थोड़ा कम रह गए। फिलहाल, शेयर ₹1,630-₹1,640 के आसपास ट्रेड कर रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी मजबूत है।
ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा और टारगेट प्राइस
इन नतीजों के बाद, कई ब्रोकरेज फर्मों ने Phoenix Mills पर अपना 'BUY' रेटिंग बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया है। Motilal Oswal ने ₹2,045 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तरों से 22% के अपसाइड का संकेत देता है। वहीं, Jefferies ने ₹2,000, Avendus Spark ने ₹2,050, और JM Financial ने ₹2,520 तक के टारगेट सुझाए हैं।
प्रीमियम वैल्यूएशन और रियल एस्टेट सेक्टर का भविष्य
Phoenix Mills का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) अन्य रियल एस्टेट कंपनियों जैसे DLF और Oberoi Realty की तुलना में काफी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन कंपनी की मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं और एक्सपेंशन प्लान्स को दर्शाता है। भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर, खासकर प्रीमियम रिटेल और मिक्स्ड-यूज़ डेवलपमेंट, 2026 में काफी मजबूत रहने की उम्मीद है। नए मॉल्स और एक्सपीरियंस-सेंट्रिक फॉर्मेट्स की मांग बढ़ने वाली है। Phoenix Mills अपने इंटीग्रेटेड मिक्स्ड-यूज़ मॉडल के दम पर इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
विस्तार योजनाएं और जोखिम
कंपनी रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और कमर्शियल ऑफिस स्पेस में लगातार विस्तार कर रही है। करीब 70 लाख वर्ग फुट का रिटेल स्पेस और 20 लाख वर्ग फुट का ऑफिस स्पेस डेवलपमेंट के तहत है। हॉस्पिटैलिटी में भी नए होटल और कीज (keys) जोड़ने की योजनाएं हैं। हालांकि, प्रतिस्पर्धी माहौल और कुछ तकनीकी संकेतकों (जैसे वीकली MACD क्रॉसओवर) पर नजर रखने की जरूरत है, जो भविष्य में संभावित गिरावट का संकेत दे सकते हैं।