Q4 में मुनाफे ने मारी ऊंची छलांग, ब्रोकरेज का भरोसा कायम
PNB Housing Finance के लिए वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) शानदार रही। कंपनी ने लोन पोर्टफोलियो का विस्तार करने और एसेट रिकवरी को बेहतर बनाने के दम पर अपने नतीजों को मजबूत किया है। हालांकि, मार्जिन मैनेजमेंट और बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट जैसी चुनौतियां अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
प्रॉफिट में 19% का उछाल, टारगेट प्राइस ₹1,150 तक
पिछले महीने PNB Housing Finance के शेयर में 34% से ज्यादा की तेजी देखी गई, जिसमें 21 अप्रैल, 2026 को 11% का उछाल Q4 के नतीजों के बाद आया। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 19% बढ़कर करीब ₹660 करोड़ रहा। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 11% बढ़कर ₹810 करोड़ पहुंच गई। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 13% की वृद्धि के साथ यह ₹90,921 करोड़ हो गया, जिसमें रिटेल लोन का हिस्सा 99.5% है। कंपनी ने कॉरपोरेट्स को फिर से लोन देना भी शुरू कर दिया है, जो रिकवरी के मजबूत संकेत हैं।
इन नतीजों के बाद, JM Financial ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,150 कर दिया है। Motilal Oswal का कहना है कि लोन लॉस प्रोविजन की वापसी और कम क्रेडिट कॉस्ट की वजह से प्रदर्शन उम्मीदों से बेहतर रहा, लेकिन ऑपरेटिंग कॉस्ट और फी इनकम पर चिंताएं बनी हुई हैं।
वैल्यूएशन, सेक्टर ग्रोथ और शेयर का प्रदर्शन
PNB Housing Finance का मौजूदा वैल्यूएशन (TTM P/E) 11.08x से 14.0x के बीच है। यह Bajaj Housing Finance (लगभग 30.92x) की तुलना में काफी कम है, लेकिन LIC Housing Finance (लगभग 5.9x से 6.2x) से ज्यादा है। कंपनी की बुक वैल्यू पर शेयर करीब ₹738 है।
भारतीय होम लोन मार्केट में 13.44% की CAGR से ग्रोथ की उम्मीद है और यह 2031 तक $809 बिलियन तक पहुंच सकता है। हालांकि, अफोर्डेबल हाउसिंग लेंडर्स के लिए ग्रोथ FY26-27 में 20-21% तक धीमी रहने की संभावना है। PNB Housing Finance ने भी FY27 में रिटेल लोन बुक में 18-20% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इस सेक्टर में इंटरेस्ट रेट वोलेटिलिटी और रेगुलेटरी बदलावों जैसे जोखिम भी हैं।
ऐतिहासिक रूप से, PNB Housing Finance का स्टॉक काफी वोलेटाइल रहा है। हालिया 34% की तेजी के बावजूद, पिछले एक साल में यह 0.47% से अधिक गिरा था और अपने 52-हफ्ते के हाई ₹1,141 से नीचे है।
लगातार चिंताएं: बढ़ती लागत और लीडरशिप
मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद, PNB Housing Finance के लिए कुछ प्रमुख चिंताएं बनी हुई हैं। ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस में साल-दर-साल 17% की बढ़ोतरी हुई है, और फी इनकम कमजोर रहने से प्रॉफिट पर असर पड़ा है। कंपनी ने 2020 के बाद से कई CEO बदले हैं, और हाल ही में गिरीश कौसगी का इस्तीफा लीडरशिप की स्थिरता पर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा, कैपिटल जुटाने में अतीत की चुनौतियां और कुछ एडवाइजरी फर्मों के विरोध ने गवर्नेंस को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।
PNB Housing Finance ने अतीत में लिटिगेशन और लोन से जुड़ी समस्याओं का भी सामना किया है, जिससे 2016 में लिस्टिंग के बाद से शेयर की कीमत आधी हो गई थी, और GNPA 8% से ऊपर चला गया था। हालांकि, एसेट क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है और GNPA अब 0.93% है, फिर भी डेवलपर फाइनेंस में वापस जाने की रणनीति जोखिम भरी हो सकती है। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि पिछले पांच वर्षों में सेल्स ग्रोथ लगातार 2.26% रही है और इंटरेस्ट कवरेज रेशियो कम है, जो ऑपरेशनल कमजोरियों को दर्शाता है।
मैनेजमेंट का अनुमान और एनालिस्ट्स की राय
मैनेजमेंट को FY27 में मजबूत मोमेंटम की उम्मीद है, रिटेल लोन ग्रोथ 18-20% से लोन बुक ₹1 लाख करोड़ से ऊपर जाने का अनुमान है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) 3.5-3.65% के बीच रहने की उम्मीद है, और क्रेडिट कॉस्ट -15 से -20 बेसिस पॉइंट रहने का अनुमान है, जो लगातार रिकवरी से समर्थित होगा।
ब्रोकरेज की बात करें तो 10 में से 12 एनालिस्ट्स PNB Housing Finance को 'Buy' करने की सलाह दे रहे हैं, जिनका औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹1,081 है। कंपनी ने FY26 के लिए ₹8 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी प्रस्तावित किया है।
