Q4 में कंपनी की रिकॉर्डतोड़ बुकिंग, पर पूरी पिक्चर कुछ और?
Oberoi Realty ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में "₹1,673 करोड़" की ग्रॉस बुकिंग वैल्यू दर्ज की, जो पिछली तिमाही के मुकाबले "96%" ज्यादा है। कंपनी ने "229" यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल की इसी तिमाही से "194%" अधिक हैं। बेचे गए कारपेट एरिया में भी "160%" का जबरदस्त उछाल आया, जो "3,57,552 स्क्वायर फीट" तक पहुंच गया। इस मजबूत अंत-ऑफ-ईयर बिक्री के बावजूद, शेयर में अस्थिरता देखी गई, स्टॉक "20 अप्रैल 2026" को "0.46%" की गिरावट के साथ "₹1,702.15" पर बंद हुआ। शेयर में इससे पहले "10 अप्रैल 2026" को लगातार सात दिनों तक ऊपर जाने के बाद "1.14%" का उछाल भी आया था। अप्रैल 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग "₹62,175.6 करोड़" था और 12-महीने का P/E रेश्यो "25.2" से "28.14" के बीच रहा।
पूरे साल का हिसाब-किताब और मार्जिन पर मार
फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के पूरे साल के नतीजे थोड़े फीके रहे। ग्रॉस बुकिंग वैल्यू में पिछले साल (FY25) के मुकाबले सिर्फ "3%" की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह "₹5,447 करोड़" पर रहा। चिंता की बात यह है कि पूरे साल में बेची गई कुल यूनिट्स "25%" घटकर "698" रह गईं, और कारपेट एरिया भी "11%" गिरकर "11,47,557 स्क्वायर फीट" पर आ गया। इससे पता चलता है कि भले ही ऊंचे दामों ने बुकिंग वैल्यू बढ़ाई, लेकिन बिक्री की मात्रा (volume) में कमी आई।
Q4 FY26 में Oberoi Realty का EBITDA मार्जिन घटकर "57.4%" रह गया, जो पिछले साल "60.7%" था। यह बताता है कि कंपनी की ऑपरेशनल लागतें बढ़ी हैं, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में पॉजिटिव सेंटीमेंट है, लेकिन चुनौतियों में भी इजाफा हो रहा है। तीन साल में पहली बार, FY26 में नई प्रोजेक्ट लॉन्चिंग बिक्री से ज्यादा रही, जिसके कारण FY27 तक अनसोल्ड इन्वेंट्री (बिना बिकी प्रॉपर्टी) बढ़कर "3.2 से 3.4 साल" तक पहुँचने का अनुमान है। हालांकि प्रीमियम सेगमेंट अभी भी मजबूत है, लेकिन सस्ते घरों की मांग कमजोर हो रही है।
मुख्य जोखिम और वैल्यूएशन की चिंताएँ
Q4 की मजबूत बुकिंग के बावजूद, Oberoi Realty के लिए कई जोखिम बने हुए हैं। तिमाही के सेल्स जंप और पूरे साल की वॉल्यूम ट्रेंड में अंतर इसकी स्थिरता पर सवाल खड़े करता है। Q4 में मार्जिन का कम होना एक बड़ी चिंता है, क्योंकि बढ़ती लागतें धीमी पड़ती मार्केट में प्राइसिंग पावर को मात दे सकती हैं। MarketsMojo ने Oberoi Realty को 'Sell' रेटिंग दी है और इसके वैल्यूएशन को 'बहुत महंगा' कहा है। प्लेटफॉर्म के अनुसार, प्राइस-टू-बुक (Price-to-Book) रेश्यो "3.7" है, फाइनेंशियल ट्रेंड्स फ्लैट हैं और पिछले साल प्रॉफिट में "12.6%" की गिरावट आई है। प्रमोटरों द्वारा शेयरों की उच्च गिरवी (pledging) भी जोखिम बढ़ाती है।
एनालिस्ट्स के प्राइस टारगेट में काफी अंतर है, जो "₹1,175" से "₹2,302" तक हैं, जबकि अगले 12 महीनों के लिए आम सहमति "₹1,752" के आसपास है। कंपनी की रेवेन्यू रिकग्निशन प्रोजेक्ट लॉन्च से जुड़ी है, जिससे नतीजों में असमानता आ सकती है। गुरुकृपा जैसे प्रोजेक्ट्स में देरी भी अल्पकालिक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे क्या?
Oberoi Realty के लिए एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है। कुछ 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग दे रहे हैं, तो कुछ सतर्क रुख अपना रहे हैं। निवेशक FY27 के लिए कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन टारगेट और कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) पर कंपनी के मार्गदर्शन का बेसब्री से इंतजार करेंगे।
